फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। हूटर व बत्ती के मानक तय होने के पश्चात भी स्वास्थ्य विभाग के मुखिया सीएमओ अपना निजी शासनादेश चला रहे है। परिवहन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य विभाग को कई बार बत्ती व हूटर हटाने के लिए कहा गया, परन्तु सीएमओ की रंगबाजी के आगे शासनादेश भी धराशाही हो गया। दबंग सीएमओ डॉ0 अवनीन्द्र कुमार ने आज तक अपनी गाडिय़ों से हूटर व बत्ती नहीं उतारी है। मजे की बात यह है कि हूटर तब भी बजाए जाते हैं जब सीएमओ गाड़ी के अंदर नहीं होते हैं। कई बार लोगों ने देखा कि सरकारी वाहन सीएमओ की फैमली लेकर मार्केट कराती है। उधर एआरटीओ परिवर्तन व स्वास्थ्य विभाग की मिलीभगत के कारण शासनादेश की धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं। सूत्र कहते हैं कि शासनादेश के अनुसार स्वास्थ्य विभाग में केवल अपातकालीन सेवाए यानी एम्बूलेंस के अलावा कोई हूटर व बत्ती नहीं लगा सकता है। फिर भी सीएमओ हूटर बजाते हुए अपने ही उच्चाधिकारियों की बैठकों में जाते है। उनकी गाड़ी जिले के प्रसानिक अधिकारियों से लेकर प्रदेश के मुख्यालय तक हूटर बजाते हुए जाती है। यही नहीं सीएमओ की गाड़ी पर परिवहन विभाग की भी नजरें पड़ती हैं, परन्तु किसी की हिम्मत नहीं की सीएमओ पर कार्यवाही तो दूर गाड़ी से हूटर व बत्ती उतरवा सकें। इस बात की शिकायत कानुपर मण्डल के कार्यवाहक अपर निदेशक से हुई। जिस पर उन्होंने बताया कि मुझे पता ही नहीं कि ऐसा कोई नियम भी है कि सीएमओ हूटर व बत्ती लगा सकते है या नहीं। कार्यवाहक एडी को हूटर व बत्ती के नियम की जानकारी है या फिर जानकर अंजान बना जा रहा है। वही एक व्यक्ति के द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, आरटीओ कानुपर, प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं व्स्वास्थ्य को शिकायती प्रार्थना पत्र भेजा गया है। ताकि शासनादेश का उल्लघंन करने वाले दबंग सीएमओ डॉ0 अवनीन्द्र कुमार के खिलाफ कार्यावाही की जा सके।
एआरटीओ बोले मुझे पता नहीं मैं अभी सीख रहा हूँ
स्वास्थ्य विभाग के दबंग सीएमओ डॉ0 अवनीन्द्र कुमार खुलेआम शासन की नियमावली को ताख पर रख अपनी तीनों गाडिय़ों में हूटर व बत्ती लगाकर घूम रहे हैं जो कि नियमवाली के विरुद्ध है। इस बात की जानकारी एआरटीओ कृष्ण कुमार यादव से की, तो उन्होंने बताया कि मैंने अभी हाल में पहली बार एआरटीओ का चार्ज संभाला है। मुझे ज्ञात नहीं है कि नियमावली के अनुसार नियम क्या है। मैं अभी सीख रहा है ऐसी बात करने वाले एआरटीओ कृष्ण कुमार यादव को शासन ने जिले का चार्ज दे दिया है। जिसको नियमवाली की कोई जानकारी नही है। वह नहीं जानते हैं कि शासन के द्वारा हूटर व बत्ती की नियमावली क्या है, अब सवाल यह उठता है कि एआरटीओ कृष्ण कुमार को चार्ज संभाले व अन्य जिलों में नौकरी करते हुए इतने समय के पश्चात भी एक जिम्मेदार अधिकारी ऐसी बात कह रहे हैं।
