साहसिक मुठभेड़ के दौरान फायरिंग में बाल बाल बचे एसटीएफ जवान
समृद्धि न्यूज़ लखनऊ। मंगलवार की रात्रि वाराणसी जिले के थाना चौबेपुर क्षेत्र में एसटीएफ टीम के साथ रिंग रोड शिवो अण्डरपास के पास साहसिक मुठभेड़ के दौरान कालनाइजर महेन्द्र गौतम की हत्या करने वाला सुपारी किलर, एक लाख रुपए के पुरस्कार घोषित गैंग सरगना व गाजीपुर जिले का हिस्ट्रीशीटर बनारसी यादव घायल हो गया जिसकी इलाज के दौरान मृत्यु हो गयी।
गाजीपुर जिले के गौरहट निवासी बनारसी के पास से एक पिस्टल (30 बोर),एक पिस्टल (32 बोर),07 जिन्दा कारतूस व 06 खोखा कारतूस बरामद किया गया है।एसटीएफ को काफी दिनों से फरार/ पुरस्कार घोषित अपराधियों के सक्रिय होकर अपराध करने एवं अन्य अपराधों में लिप्त होने की सूचनायें प्राप्त हो रहीं थीं।इस सम्बन्ध में एसटीएफ की विभिन्न इकाईयो/टीमों को अभिसूचना संकलन एवं कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया था।इस क्रम में निरीक्षक अनिल कुमार सिंह के नेतृत्व में एसटीएफ फील्ड इकाई वाराणसी की टीम द्वारा अभिसूचना संकलन की कार्यवाही की जा रही थी।
अभिसूचना संकलन से ज्ञात हुआ कि एक लाख रुपए का पुरस्कार घोषित कुख्यात गैंग सरगना बनारसी यादव जिसके ऊपर लगभग दो दर्जन अभियोग पंजीकृत हैं तथा जिसके द्वारा वर्ष 2025 में कमिश्नरेट वाराणसी के थाना सारनाथ क्षेत्र में कॉलोनाइजर महेन्द्र गौतम की हत्या कर सनसनी फैला दी गई थी,जिसके सम्बन्ध में इसके विरूद्ध थाना सारनाथ,कमिश्नरेट वाराणसी में मु0अ0सं0 389/2025 धारा 103 (1)/3(5)/61 (2)/238 बीएनएस व 3(2)5 एससी/एसटी एक्ट का पंजीकृत हुआ था।उसकी गिरफ्तारी हेतु पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी द्वारा एक लाख रुपए का पुरस्कार घोषित किया गया है, वह कुख्यात अपराधी बलुआ (चन्दौली) की तरफ से शिवो अण्डरपास होते हुए अपने एक साथी के साथ किसी घटना को अंजाम देने के लिये वाराणसी की तरफ भारी फायर आर्म्स के साथ जाने वाला है।उक्त सूचना पर निरीक्षक अनिल कुमार सिंह एवं निरीक्षक अमित श्रीवास्तव के नेतृत्व में एसटीएफ फील्ड इकाई वाराणसी टीम द्वारा वाराणसी के थाना चौबेपुर क्षेत्रान्तर्गत रिंग रोड शिवो अण्डरपास के पास अपने सरकारी वाहन को एक तरफ साइड में लगाकर घेराबंदी की गयी थी।कुछ समय पश्चात् एक मोटर साइकिल पर सवार दो व्यक्ति आते हुए दिखाई दिए। उनका पीछा करते हुये उन्हें रोकने का प्रयास किया गया तो मोटरसाइकिल पर पीछे बैठे व्यक्ति ने एकाएक एसटीएफ टीम पर जान मारने की नीयत से फायर कर दिया तथा मोटरसाकिल के लड़खड़ाने पर पीछे बैठा व्यक्ति नीचे उतर कर पुनः फायर करने लगा जबकि उसका साथी अन्धेरे का लाभ उठाकर मौके से मोटरसाइकिल से फरार हो गया।एसटीएफ टीम द्वारा उक्त व्यक्ति को आत्मसमर्पण के लिए कहा गया,परन्तु वह अपना पोजिशन बदलते हुए जान मारने की नीयत से फायर करता रहा।इस अपराधी की फायरिंग से एसटीएफ टीम के सदस्य बाल-बाल बच गए।तत्पश्चात एसटीएफ टीम द्वारा साहस, संयम एवं व्यवसायिक दक्षता का परिचय देते हुए आत्मरक्षार्थ संतुलित एवं नियंत्रित फायरिंग की गई,जिसमें उस बदमाश को गोली लगी और घायल हो गया।
घायल बदमाश की पहचान बनारसी यादव के रूप में हुई जिसे मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए तत्काल उपचार हेतु पं० दीन दयाल अस्पताल वाराणसी ले जाया गया,जहाँ बनारसी यादव की उपचार के दौरान मृत्यु हो गयी।मौके से भागे बदमाश की काफी तलाश की गयी,परन्तु अन्धेरे का लाभ उठाते हुये भागने में सफल हो गया,जिसकी गिरफ्तार के प्रयास जारी हैं।मुठभेड के दौरान एसटीएफ टीम द्वारा अदम्य साहस व शौर्य का प्रदर्शन किया गया तथा विभिन्न न्यायालयों तथा मानवाधिकार आयोग के निर्देशों का अक्षरशः पालन किया गया।
आपराधिक वारदातें जिन्होंने बनारसी को बनाया कुख्यात
मृतक बदमाश बनारसी यादव की आपराधिक गतिविधियों के सम्बन्ध में जानकारी की गयी तो ज्ञात हुआ कि यह अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या,रंगदारी मांगने व भाडे पर हत्या करने जैसी कई सनसनीखेज घटनाओं को अंजाम दे चुका है।प्रमुख घटनाओं में वर्ष 2002 में बनारसी यादव ने अपने भाई के साथ मिलकर अपने पट्टीदार संतोष यादव को अन्धाधुन्ध फायरिंग करते हुये लगभग 15 गोली मारकर जघन्य तरीके से हत्या कर दी थी,जिसके सम्बन्ध में मुअसं 478/2002 धारा 302/201 आईपीसी थाना खानपुर जनपद गाजीपुर पर पंजीकृत हुआ था।वर्ष 2005 में बनारसी यादव ने अपने साथी सुनील यादव के साथ मिलकर जनपद वाराणसी के थाना चोलापुर क्षेत्रान्तर्गत टायर एजेन्सी के मैनेजर की गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी।इस सम्बन्ध में मुअसं 463/2005 धारा 302/120बी आईपीसी थाना चोलापुर जनपद वाराणसी पर पंजीकृत हुआ था।वर्ष 2006 में इसके द्वारा जनपद वाराणसी के थाना चोलापुर क्षेत्रान्तर्गत भैयालाल यादव की सनसनीखेज तरीके से गोली मारकर हत्या कर क्षेत्र में दहशत फैला दी गयी थी।इस संबंध में मुअसं 208/2006 धारा 302 आईपीसी थाना चोलापुर जनपद वाराणसी पर पंजीकृत हुआ था।
वर्ष 2010 में बनारसी यादव ने जमीन के कारोबारी कमलदेव यादव की दुस्साहसिक तरीके से गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी। इस संबंध में मुअसं 770/2010 धारा 302/404/411/506/120बी आईपीसी थाना खानपुर जनपद गाजीपुर पर पंजीकृत हुआ है।
वर्ष 2015 में बनारसी यादव ने अपने साथियों के साथ मिलकर जनपद गाजीपुर के देवकली ब्लॉक के पास ही दिन दहाडे कारबाईन से अन्धाधुन्ध फायरिंग करते हुये 02 लोगों की हत्या कर सनसनी फैला दी गयी थी।इस फायरिंग में एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल भी हुआ था।इस संबंध में मुअसं 54/2015 धारा 302/120बी आई०पी०सी० थाना नन्दगंज, जनपद गाजीपुर पंजीकृत हुआ था।इस घटना के बाद बनारसी यादव फरार हो गया था। इस अभियोग में जनपद गाजीपुर पुलिस द्वारा बनारसी यादव पर 50 हजार रुपए का पुरस्कार घोषित किया था,जिसमें एसटीएफ वाराणसी की टीम द्वारा बनारसी यादव को दिनांक 06 जून वर्ष 2022 को वलसाड (गुजरात) से गिरफ्तार किया गया था।वर्ष 2025 में कमिश्नरेट वाराणसी के चर्चित कॉलोनाइजर महेन्द्र गौतम की दिनांक 21 अगस्त वर्ष 2025 को थाना सारनाथ क्षेत्रान्तर्गत अपने साथियों के साथ मिलकर गोली मार कर हत्या कर व्यवसासियों में दहशत पैदा कर दिया था।इस संबंध में मुअसं 389/2025 धारा 103 (1)/3(5)/61 (2)/238 बीएनएस व 3 (2)5 एससी/एसटी एक्ट पंजीकृत हुआ था।इस घटना के बाद से बनारसी यादव फरार चल रहा था,जिस पर पुलिस आयुक्त,पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी द्वारा एक लाख रुपए का पुरस्कार घोषित किया गया था।
