कैशलेस चिकित्सा योजना में शामिल करने की मांग
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। कैशलेस सुविधा न मिलने से माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों व पेंशनरों में भारी आक्रोश है।
अटेवा के प्रदेश संयुक्त मंत्री ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी ने कहा है कि प्रदेश सरकार द्वारा सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के लिए कैशलेस चिकित्सा योजना का शासनादेश जारी किया गया है, जबकि उन्ही विद्यालयों में कार्यरत शिक्षणेत्तर कर्मचारियों जैसे परिचारकों व लिपिकों को इलाज की इस सुविधा से बाहर कर दिया गया है। उन्होंने कहा है कि सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में माध्यमिक शिक्षा अधिनियम 1921 सभी शिक्षकों व कर्मचारियों से समानरूप से लागू है। इसलिए एक ही विद्यालय में कार्यरत सभी कार्मिकों जिन्हें राजकोष से वेतन मिल रहा हो के लिए सरकार द्वारा एक तरह की व्यवस्था व सुविधा प्रदान की जानी चाहिए। उत्तर प्रदेश की कैशलेस चिकित्सा योजना में पेंशनरों को भी शामिल नहीं किया गया है, जबकि इलाज की सर्वाधिक आवश्यकता सेवानिवृत्त के बाद ही होती ही पड़ती है।
सरकार द्वारा कर्मचारियों शिक्षणेत्तर कर्मचारियों व पेंशनरों को कैशलेस चिकित्सा योजना का लाभ न दिये जाने व एक ही विद्यायल के कार्मिकों के साथ दोहरी नीति अपनाने से उनमें भारी आक्रोश एवं असंतोष है। सरकार से मांग की कि सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों व पेंशनरों को कैशलेस चिकित्सा योजना में शामिल करते हुए जल्द शासनादेश जारी कर कर्मचारियों में व्याप्त आक्रोश व असंतोष समाप्त कर उनके साथ भी न्याय करें।
कैशलेस सुविधा न मिलने से शिक्षणेत्तर कर्मचारियों व पेंशनरों में भारी आक्रोश
