फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। नेकपुर (बधौआ) मे संत गाडगे बारात घर में समाज सुधारक और स्वच्छता के अग्रदूत संत गाडगे महाराज की 150वीं जयंती के अवसर पर एक भव्य और प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस गौरवशाली अवसर पर स्थानीय निवासियों और प्रबुद्ध वर्ग ने भारी संख्या में भाग लिया। कार्यक्रम में न केवल संत गाडगे महाराज के जीवन पर प्रकाश डाला गया, बल्कि समाज में व्याप्त कुरीतियों को मिटाने और शिक्षा की मशाल जलाने का सामूहिक संकल्प भी लिया गया।
समारोह की अध्यक्षता ट्रस्टी अध्यक्ष पी.पी. सिंह ने की, जबकि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व एमएलसी पूर्व चेयरमैन मनोज अग्रवाल उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि संत गाडगे महाराज केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचार थे जिन्होंने समाज को स्वच्छता और स्वावलंबन का मार्ग दिखाया। कार्यक्रम में अधिवक्ताओं (वकीलों) की बड़ी संख्या में उपस्थिति ने यह स्पष्ट कर दिया कि शिक्षित समाज संत गाडगे के विचारों को आगे ले जाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। समारोह के दौरान विभिन्न वक्ताओं ने समाज सुधार पर अपने प्रभावशाली विचार रखे। पूर्व प्रधानाचार्य रामचंद्र , जवार सिंह गंगवार, आशाराम मौर्य, रघुबर सिंह कनौजिया, रमेश चंद्र और सर्वेश अंबेडकर ने विस्तार से बताया कि कैसे आज के समय में भी संत गाडगे के सिद्धांत प्रासंगिक हैं।
वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि समाज का सर्वांगीण विकास केवल शिक्षा के माध्यम से ही संभव है। उन्होंने कहा, “शिक्षा वह शेरनी का दूध है जो पिएगा वो दहाड़ेगा।” कार्यक्रम में मौजूद वकीलों और बुद्धिजीवियों ने समाज के वंचित वर्गों को कानूनी और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने की अपील की।
कार्यक्रम का सबसे भावुक और प्रेरणादायक क्षण वह था जब उपस्थित जनसमूह ने संत गाडगे महाराज के विचारों से प्रभावित होकर एक सामूहिक संकल्प लिया। लोगों ने हाथ उठाकर शपथ ली कि हम चाहे कम खाएंगे, फटे-पुराने लेकिन साफ-सुथरे कपड़े पहनेंगे, पर अपने बच्चों को शिक्षित जरूर बनाएंगे l
इस संकल्प ने स्पष्ट कर दिया कि समाज अब अंधविश्वास और अज्ञानता की बेड़ियों को तोड़कर ज्ञान के प्रकाश की ओर बढ़ने के लिए तैयार है।
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में जयंती समिति के अध्यक्ष शैलेंद्र माथुर, मंत्री प्रेम पाल सिंह, और पूर्व समिति के पूर्व अध्यक्ष धर्मेंद्र कनौजिया का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम के दौरान रविंद्र नाथ दिवाकर, सुरेंद्र कनौजिया, संतोष दिवाकर, संजीव माथुर सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने व्यवस्था संभाली।
इसके अलावा, अधिवक्ता देवेंद्र यादव संयुक्त सचिव बार एसोसिएशन फतेहगढ़ ,विनीत कटियार कोषाध्यक्ष बार एसोसिएशन फतेहगढ़, संदीप यादव, नितिन यादव, अचल प्रताप सिंह, प्रताप सिंह, राहुल अवराल, शाहिल यादव, सचिन कटियार, सुमित गंगवार आदि ने भी मंच से अपने विचार व्यक्त किए और संत गाडगे महाराज के पदचिन्हों पर चलने का आह्वान किया। नेकपुर में आयोजित यह जयंती समारोह केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना का एक उत्सव साबित हुआ। संत गाडगे महाराज की 150वीं जयंती ने यह संदेश स्पष्ट कर दिया है कि स्वच्छता और शिक्षा ही वह दो स्तंभ हैं, जिन पर एक समृद्ध राष्ट्र का निर्माण संभव है।
