बाढ़ पीडि़तों के लिए सरकार की पूर्ण संवेदनशीलता एवं संवेदनाएं: मुख्यमंत्री

गंगा की ड्रेजिंग एवं तटबंध के निर्माण के लिए जनप्रतिनिधियों से मांगा प्रस्ताव
लिंक एक्सप्रेस वे का निर्माण करेगा जनपद को बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे के साथ जोडऩे का कार्य
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद में बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री का वितरण, बाढ़ में आश्रयहीन हुए परिवारों को आवास हेतु भूमि आवंटन प्रमाण पत्र एवं आपदा मोचक निधि से राहत राशि वितरण कार्यक्रम का आयोजन पुलिस लाईन फतेहगढ़ में किया गया।
मुख्यमंत्री ने सर्वप्रथम बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण किया। इसके उपरांत कार्यक्रम में उपस्थित होकर 1000 लाभार्थी परिवारों को उनके स्थान पर जाकर प्रतीकात्मक रूप से बाढ़ राहत सामग्री किट का वितरण किया गया, जिससे वह पुनर्वास होने तक अपने जीवन को सुरक्षा के साथ सुचारू रूप से संचालित कर सकें। मुख्यमंत्री सहित जनप्रतिनिधियों ने आश्रयहीन 31 परिवारों को भूमि आवंटन प्रमाण पत्र एवं 01 लाख 20 हजार रुपए की धनराशि के गृह अनुदान राशि प्रमाण पत्र प्रतीकात्मक रूप से प्रदान किए गए।
मुख्यमंत्री ने बाबा नीम करौली की पावन धरा, जिसे मां गंगा का सानिध्य प्राप्त हुआ, ऐसे फर्रुखाबाद को नमन करते हुए कहा कि आज तीनों तहसीलों सदर, कायमगंज एवं अमृतपुर का निरीक्षण करने का अवसर प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि 102 गांव में बाढ़ की इस विभीषिका से जूझने के लिए मजबूर जनता के साथ सरकार की पूरी संवेदनशीलता एवं संवेदनाएं हैं, आपदा की इस घड़ी में आप सभी अकेले नहीं है सरकार आपके साथ सदैव तत्परता के साथ खड़ी हुई है। सरकार आपकी जरूरत के लिए प्रत्येक सहायता आप तक पहुंचाने का कार्य करेगी। राहत सामग्री किट 50 किलोग्राम की है, जिसमें 10 किलोग्राम चावल, 10 किलोग्राम आटा, 10 किलोग्राम आलू, 02 किलोग्राम अरहर की दाल, चना, लाई, तेल, मसाले, बाल्टी, बरसादी एवं डिग्निटी किट सहित अन्य आवश्यक सामग्रियां सम्मिलित हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन के सहयोग से बाढ़ पीडि़तों तक राहत सामग्री पहुंचने का कार्य किया। पहली बार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में शिविर के माध्यम से शिक्षकों द्वारा शिक्षा प्रदान की जा रही है, चिकित्सकों द्वारा उपचार प्रदान किया जा रहा है तथा पशु चिकित्सकों द्वारा पशुओं का टीकाकरण किया जा रहा है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा बताया गया कि समय के अनुरूप मां गंगा उथली हुई हैं। नदी जब भी उथली होगी तो उसके पानी का फैलाव भी होगा, जिससे अन्नदाताओं की फसलों का नुकसान होता है। बाढ़ का एकमात्र समाधान पूरे जनपद क्षेत्र में गंगा नदी की ड्रेजिंग कर उसके जल के प्रभाव को व्यवस्थित किया जाए और ड्रेजिंग के दौरान नदी से निकलने वाली सिल्ट का प्रयोग तटबंध के निर्माण में किया जाए, इस हेतु जिला प्रशासन से शीघ्र ही प्रस्ताव तैयार कर जनप्रतिनिधियों के माध्यम से आख्या मांगी गई है। उन्होंने कहा कि जनपद में लिंक एक्सप्रेस वे का निर्माण होने जा रहा है, जो जनपद को बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे के साथ जोडऩे का कार्य करेगा, जिसके फलस्वरुप फर्रुखाबाद जंक्शन बनने के पश्चात जनपद के पास भी अपना एक एक्सप्रेस वे होगा। जनपद की कनेक्टिविटी के लिए प्रस्ताव जनप्रतिनिधियों के सहयोग से मांगे गए हैं। इस दौरान जिलाधिकारी डॉ0 अंकुर लाठर, पुलिस अधीक्षक आरती सिंह, मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़, सीएमओ डॉ0 आनंद उपाध्याय, एडीएम अरुण कुमार सिंह, एडीएम दिनेश कुमार के अलावा सभी जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

आलू किसानों की सुविधा के लिए आगरा में बनाया जा रहा अन्तर्राष्टीय केंद्र

उन्होंने कहा कि अब फर्रुखाबाद के विकास को लेकर पुराने तंज सुनने को नहीं मिलेंगे।उन्होंने कहा कि सरकार महारानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के तहत 50 हजार बालिकाओं को स्कूटी उपलब्ध करा रही है। आलू किसानों की सुविधा के लिए आगरा में अंतर्राष्ट्रीय केंद्र बनाया जा रहा है। सरकार हर परिस्थिति में अन्नदाता किसानों के साथ खड़ी है। रोजगार के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पहली बार बिना भेदभाव के नियुक्तियां हुई हैं। फर्रुखाबाद के साथ कोई अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और युवाओं की नौकरी के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में करीब 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव हैं, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

सीएम ने पीएम की तरह रील बनाकर नीम करौरी बाबा की धरा को किया नमन

मुख्यमंत्री ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट कर फर्रुखाबाद दौरे की जानकारी साझा की और बाबा नीब करौरी की पावन धरा को नमन करते हुए बाढ़ पीडि़तों की हरसंभव सहायता करने की बात दोहराई। सीएम योगी ने बाबा नीब करौरी की पावन धरा फर्रुखाबाद को नमन करते हुए वीडियो जारी किया। सीएम ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करने की जानकारी दी। सीएम योगी ने सर्वेक्षण कर बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत सामग्री वितरित किया। इस दौरान उन्होंने बाढ़ से बचाव और राहत कार्यों की भी समीक्षा की।

मुख्यमंत्री के भाषण शुरु होते ही जनता ने घर की ओर किया रुख

फर्रुखाबाद। बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत सामग्री वितरण करने आये प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को देखने और सुनने के लिए कई घंटे से कार्यक्रम स्थल पर भीड़ मंच की ओर आंखे गड़ाये बैठी थी, जैसे ही मुख्यमंत्री ने भारत माता की जय, वंदे मातरम और बाबा नीमकरौली को नमन करते हुए बैठी जनता को संबोधित करना शुरु किया। कुछ छण बाद भीड़ उठना शुरु हो गयी। मुख्यमंत्री जनता को संबोधित कर रहे थे और जनता कुर्सियों से उठकर अपने घर की ओर चलने लगी। इस दौरान कई पुलिस कर्मियों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन जनता ने अपना मन बना लिया कि घर जाना है तो वह किसी के रोकने से नहीं रुके। किसी ने कहा कि बहुत देर हो गयी है कि तो किसी ने कहा कि हमें कुछ नहीं मिला, तो किसी ने कोई बहाना बताया। देखा जाये तो डी-१, डी-२, सी-३ और सी-२ लगभग पूरी तरह मुख्यमंत्री के भाषण समाप्त होने से पहले ही खाली हो गये।

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