गर्भपात कराने वाली महिला को 5 वर्ष का कारवास, 55 हजार रुपये का अर्थदण्ड

फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। अप्रशिक्षित महिला द्वारा बिना सहमित के गर्भपात करवाने व साक्ष्य मिटाने के मामले अपर जिला जज विशेष ईसी एक्ट न्यायाधीश राकेश कुमार सिंह ने अभियुक्त वैशाली पत्नी लंकुश कठेरिया को दोषी करार देते हुए 5 वर्ष का कारवास व 55 हजार रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया।विगत 11 वर्ष पूर्व थाना मेरापुर क्षेत्र के ग्राम चंदुइया निवासी ग्राम प्रधान जोगराज पुत्र रामभरोसे ने पुलिस को दी तहरीर में दर्शाया था कि गांव की अप्रशिक्षित वैशाली जो गांव में ही दाई का काम वह चुपचाप करती है, वह गर्भपात भी करवाती है। 16 जुलाई 2012 को करीब मैने व गांव के अन्य लोग ने घटना देखी। बबलू श्रीवास्तव व इस्लाम खां इधर-उधर घूम रहे थे। उनके साथ एक नाबालिग किशोरी थी। जिसका गर्भपात करवाने के लिए वैशाली के पास ग्राम चंदुइया आये थे। वैशाली के पास कोई मेडिकल डिग्री नहीं है। गर्भपात करवाते समय किशोरी की मृत्यु हो गई थी। साक्ष्य मिटाते हुए वैशाली ने अपने घर के पीक्षे खेत में शव को जला दिया था। विवेचक ने साक्ष्य गवाह के आधार पर वैशाली, बबलू श्रीवास्तव, इस्लाम, ईश्वरी के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। बचाव पक्ष की दलील व शासकीय अधिवक्ता की कुशल पैरवी के आधार पर न्यायाधीश राकेश कुमार सिंह ने वैशाली को दोषी करार देते हुए 5 वर्ष का कारवास व 55 हजार रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया। जेल में बिताई गयी अवधि सजा में समायोजित की जाएगी। साक्ष्य के आभाव से बबलू श्रीवास्तव, इस्लाम को दोषमुक्त कर दिया गया। मुकदमा विचारण के दौरान ईश्वरी प्रसाद की मृत्यु हो गयी थी।

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