मुख्यमंत्री ने जनपद में हवाई सर्वेक्षण कर बाढ़ प्रभावित ग्रामों का लिया जायजा

मुख्यमंत्री द्वारा निरीक्षण के दौरान बाढ़ प्रभावित क्षेत्र/राहत शिविरों की ली जानकारी
आपदा के कारण जिन लोगों को भी नुकसान हुआ है उन्हें मुआवजा वितरण में 24 घण्टे से अधिक समय नहीं लगना चाहिये: सीएम
बाढ़ आपदा के समय सरकार आपके साथ खड़ी है हर सम्भव मदद करेंगी
सीएम ने बाढ़ से प्रभावित ग्राम पंखियन की मडैया, पट्टी बदनपुर एवं पट्टी बरखा के 260 बाढ़ पीडि़तों को किया राहत सामग्री का वितरण/उनके सुख दुख की ली जानकारी
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद में हवाई सर्वेक्षण कर बाढ़ प्रभावित ग्रामों का जायजा लिया साथ ही 260 बाढ़ पीडि़तों को राहत सामग्री बांटकर उनके दुख-दर्द के हालचाल लिये।
सीएम ने निरीक्षण के दौरान कहा कि जनपद पिछले कई दिनों से बाढ़ की चपेट में है। वर्तमान में 700 से अधिक गावं ऐसे है जो कि बाढ़ से प्रभावित हुये है और दूसरी ओर प्रदेश के कुछ जिलों में कम वर्षा होने एवं वर्षा ना होने के कारण सूखे की स्थिति है। प्रदेश के 21 जनपदों के 721 गावं बाढ़ से प्रभावित हुये है। बाढ़ आने से पहले जनप्रतिनिधियों/जिला प्रशासन के साथ संवाद किया था और जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया था कि बाढ़ के प्रति संवेदनशील क्षेत्रों का दौरा करें एवं पहले से ही इसकी तैयारी करें। बाढ़ प्रभावित जनपदों में एनडीआरएफ/पी0ए0सी0 की कुल 15 कम्पनियां लगी हुई है और लगातार बाढ़ पीढि़त परिवारों को शासन स्तर पर राहत सामग्री वितरण की कार्यवाही की जा रही है। बाढ़ प्रभावित जनपदों में अब तक 45900 से अधिक ड्रऊाई राशन पैकेट, 04 लाख 14 से अधिक लंच पैकेट, 2600 से अधिक डिग्निटी किट वितरित किये जा चुके है। राहत किट में बाढ़ पीडि़तों को जरूरत की सभी सामग्री के साथ बरसाती भी उपलब्ध कराय जा रहा है। बाढ़ प्रभावित जनपदों में 1101 बाढ़ शरणालय, 1504 बाढ़ चौकियां, 2000 से अधिक मेडिकल टीम गठित करने के साथ-साथ 2040 नावें बचाव/राहत कार्यों में लगायी गयी है। पशुओं के लिये भी चारे की व्यवस्था की गयी है, जिसमें 840 पशु चारा शिविर, 28 लाख से अधिक पशुओं को टीकाकरण की कार्यवाही प्रदेश के अन्दर की गयी है और साथ-साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में यह प्रयास किया गया है कि समय से सर्वे करके जो फसलों को नुकसान हुआ है, उसकी रिपोर्ट समय से शासन को प्रेषित की जाये, ताकि बाढ़ से जिन किसानों ने अपनी फसलों को खोया है उन्हें समय से मुआवजा दिया जा सकें।
उन्होंने कहा कि जनपद में 116 ग्राम गंगा नदी/ग्राम गंगा नदी की बाढ़ से प्रभावित हुये है। जिसमें लगभग 80000 की आबादी प्रभावित है। इसमें 22 मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुये है, उन परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना के अन्तर्गत 01-01 आवास उपलब्ध कराया जायेगा। 06 मकान आंशिक क्षतिग्रस्त हुये हैए उनका मुआवजा दिये जाने के निर्देश दिये गये है। 70 झोपड़ी क्षतिग्रस्त हुई है, उन्हें भी कम्पनशेसन दिये जाने के निर्देश दिये गये है तथा विस्थापित परिवारों को बाढ़ शरणालय में शिफ्ट कराकर उनके लिये समुचित व्यवस्था उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये है।
उन्होंने कहा कि जनपद में 52 बाढ़ चौकी, 24 बाढ़ शरणालय, 125 नावें राहत एवं बचाव कार्य हेतु लगायी गयी है एवं 01 कम्पनी पी0ए0सी0ए 01 एस0डी0आर0एफ0 राहत एवं बचाव कार्य में सहयोग का कार्य कर रही है। फर्रुखाबाद में अब तक 22 हजार से अधिक राहत किट वितरित हुई है, मुख्यमंत्री ने राहत किट वितरण की संख्या को बढ़ाने हेतु जिला प्रशासन को निर्देश दिये। 22 हजार से अधिक त्रिपाल, 15202 ओ0आर0एस0 पैकेट, 78 हजार से अधिक क्लोरीन टेबलेट्स वितरित की जा चुकी है। 31 हजार से अधिक व्यक्तियों का उपचार भी किया गया है। बाढ़ प्रभावित ग्रामों में 21 मेडिकल टीम/06 सचल मेडिकल टीम लगातार भ्रमण कर कार्य कर रही है। एन्टी स्नैक बेनम 1030 वायल यहां पर उपलब्ध करायी गई है और पशुओं के लिये भी टीकाकरण पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराया गया है। इसके अलावा बाढ़ शरणालय में रह रहे परिवारों को लंच पैकेट की भी सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये है।
उन्होंने बाढ़ पीडि़तो को आश्वासन देते हुए कहा कि सभी जनप्रतिनिधि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जनता जनार्दन की सेवा करने के लिये पूरी तत्परता से कार्य कर रहे है। प्रधानमंत्री की भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के प्रति पूरी संवेदना है। उन्होंने भी सभी बाढ़ पीडि़तों को समय से राहत सामग्री वितरित किये जाने के निर्देश दिये है। अलग-अलग बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रभारी मंत्री भ्रमण कर राहत कार्यों का निरीक्षण कर रहे है और जनप्रतिनिधि भी पीडि़त परिवारों के सम्पर्क बनाये हुये है। मेरे द्वारा स्वयं भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया जा रहा है। जनप्रतिनिधि बाढ़ राहत कार्यों में जिला प्रशासन/पुलिस प्रशासन का पूरा सहयोग कर रहे है। जिससे बाढ़ पीडि़त परिवार इस आपदा में अपने आप को असहाय महसूस ना करे। उन्होंने सभी पीडि़त परिवारों को आश्वस्त करते हुये कहा कि बाढ़ आपदा में शासन ने जनहानि पर पीडि़त परिवार को तत्काल 04 लाख रूपये देने के निर्देश दिये है तथा बाढ़ की समस्या के स्थाई समाधान के लिये भी सिचाई विभाग को निर्देश दिये है जिससे हर वर्ष बाढ़ से होने वाली जन/धन हानि को रोका जा सकें। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिये कि आपदा के कारण जिन लोगों को भी नुकसान हुआ है उन्हें मुआवजा वितरण में 24 घण्टे से अधिक समय नहीं लगना चाहिये यह सुनिश्चित किया जाये। सभी बाढ़ पीडि़तों को समयबद्ध तरीके से अधिक से अधिक संख्या में राहत सामग्री वितरित करायी जाये और यदि लम्बे समय तक बाढ़ रहे तो कम से कम एक माह में दो बार राहत किट का वितरण किया जाये, जिससे पीडि़त परिवार आसानी से अपना भरण-पोषण कर सके। बाढ़ आपदा में लगी टीम को जनत जनार्दन के लिये पूरी तत्परता के साथ कार्य करना है। मुख्यमंत्री ने पीडि़त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि बाढ़ आपदा के समय यह सरकार आपके साथ खड़े होकर के हर सम्भव मदद करेंगी। इस अवसर पर प्रभारी मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय, सांसद, विधायकगण, अध्यक्ष जिला पंचायत, जिलाध्यक्ष भाजपा, आयुक्त कानपुर मण्डल, आई0जी0 कानपुर जोन, जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक, मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी एवं संबंधित अधिकारीगण व बाढ़ पीडि़त आदि उपस्थित रहे।

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