फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। सरिता देवी पत्नी वीरेंद्र सिंह निवासी बलीपुर थाना नवाबगंज ने न्यायालय में थानाध्यक्ष नवाबगंज, सिपाही नीरज, थाने के मुंशी वीरेंद्र, विशंभर सिंह, केसन कुमार, आदेश कुमार, सुशील पुत्र रामकृष्ण निवासी बलीपुर थाना नवाबगंज के खिलाफ याचिका दायर की। जिसमें दर्शाया कि 9 सितंबर को अपने घर की जीने की बाउंड्री का निर्माण करवा रही थी। इस समय गांव के विशंभर सिंह, केसन कुमार, आदेश कुमार, सुशील कुमार पुत्र रामकिशन जिसका रकवा नंबर 323 व 324 का विवाद चल रहा है। जिस पर मेरे पति ने एसडीएम कोर्ट कायमगंज से स्टे प्राप्त कर रखा है। इसी रंजिश के कारण उक्त लोग उपरोक्त सभी लोग एक राय होकर लाठी-डंडे लेकर काम रुकवा दिया और एसओ थाना नवाबगंज को बुला लिया और मुझे थाने लेकर जबरदस्ती समझौता करने का बदाव बनाया। वहीं एसओ ने लेखपाल अमित अवस्थी को बुलाया और नीरज सिपाही और वीरेंद्र मुंशी ने धमकी दी कि अपने पति से कहकर रिश्ते वापस कर लो और उपलब्धियां को मकान बना रहे हो नहीं तो तुझे तेरे घर से निकलने को मकान पर कब्जा करवा देंगे। इस दौरान मना करने पर एसओ ने मेरे थप्पड़ मारा और कहा कि तुझे जेल भेज दूंगा। जब मैं समझौते को राजी नहीं हुई तो आरोपी से 9 हजार और 50 किलो आटा की बोरी वह मूंगफली लेकर आए और मेरे धारा 151 में चालान कर दिया। मेरा इस दौरान कान में पहने सोने के कुंडल, एक तोले की जंजीर रखवा ली कहा कि जब जेल से छुटकारा आएगी, तब वापस ले जाना। जमानत होने के बाद जब कुंडल लेने गई तो एसओ ने कहा कि तेरी लडक़ी ले गई है। जब मैं अपनी पुत्री शिल्पी से पूछा तो उसने कहा कि मैं नहीं लाई हूं मुझे थाने से भगा दिया था। पुलिस ने कहा कि अगर कुंडल और सोने चेन मांगी तो फिर जेल भिजवा दूंगा। इस दौरान उच्चाधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई।
महिला के साथ मारपीट कर जेवरात हड़पने वाले थानाध्यक्ष सहित सात पर याचिका दायर
