फर्रुखाबाद। शिक्षक अनिल त्रिपाठी की आत्महत्या के मामले में अपने आपको एबीएसए ने बचाने के लिए उच्च प्राथमिक विद्यालय झब्बूपुर के प्रधानाध्यापक/ब्लाक अध्यक्ष निर्देश गंगवार को बीएसए ने निलंबित कर दिया है। दोनों प्रकरणों का हमारा संगठन घोर विरोध करता है और उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ आंदोलन करेगा। संगठन के जिलाध्यक्ष विजय बहादुर यादव एवं जिलामंत्री राजकिशोर शुक्ल ने इस प्रकरण में उच्च प्राथमिक विद्यालय झब्बूपुर के प्रधानाध्यापक/ब्लाक अध्यक्ष निर्देश गंगवार को निलंबित करना किसी प्रकार से न्यायोचित नहीं है। न्यायालय के आदेश का पालन करना बेसिक शिक्षाधिकारी और खंड शिक्षाधिकारी का दायित्व है न कि प्रधानाध्यापक इसके लिए जिम्मेदार है। अनिल कुमार त्रिपाठी द्वारा आत्महत्या किया जाना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। संबंधित लिपिक और अधिकारी पूरी तरह से इसके लिए जिम्मेदार हैं। चर्चित लिपिक सुरेंद्रनाथ अवस्थी को फर्जी अभिलेख में बर्खास्त किया गया था, लेकिन फिर भी यह किसके इशारे पर भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। फर्जी अभिलेख में दर्जनों शिक्षक निकाले गए थे। न्यायालय के आदेश पर सभी पुन: सेवा में लिए गए। अनिल त्रिपाठी के प्रकरण में बेसिक शिक्षाधिकारी कार्यालय एवं खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय कायमगंज पूरी तरह जिम्मेदार हैं। प्राथमिक शिक्षक संघ ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रधानाध्यापक का निलंबन वापस नहीं हुआ तो संघ जिला स्तरीय विरोध प्रदर्शन करेगा जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। प्राथमिक शिक्षक संघ बैठक कर आगे की रुपरेखा तय करेगा। किसी भी शिक्षक का उत्पीडऩ नहीं होने दिया जायेगा।
