हत्या व लूट के मामले में विवेचना में झोल करने पर शहर कोतवाल पर लटकी तलवार

डीजीपी व निदेशक अभियोजन तथा एसपी को भी कार्यवाही के लिए भेजा पत्र

फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। हत्या व लूट में विवेचक द्वारा लीपा पोती करने के मामले में विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र कृष्ण कुमार ने विवेचक के विरुद्ध कर्यवाई के लिए पुलिस महानिदेशक लखनऊ व अभियोजन पक्ष की भी लापरवाही को मानते हुए निदेशक अभियोजन व पुलिस अधीक्षक फर्रुखाबाद को पत्र भेजा है। शहर कोतवाली प्रभारी सचिन कुमार बाथम द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई। जिसमें मां रेशमा की हत्या कर कमरे के तले और बक्से के ताले तोडक़र बक्से में रखी 50 हजार की नगदी गायब होना दर्शाया। घटना से संदर्भ में विवेचना शहर कोतवाली प्रभारी अनिल कुमार चौबे ने की। जिनके द्वारा 25 सितंबर को प्रयुक्त मामले में एफआईआर की मूल प्रति व लिखित तहरीर/ संबंधित विवेचक द्वारा न्यायालय में प्रेषित करने हेतु प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। जिस पर न्यायालय द्वारा संपूर्ण केस डायरी पत्रावली प्रस्तुत करने का आदेश पारित किया गया था। पत्रावली का अवलोकन करने पर प्रकाश में आया की वादी सचिन कुमार व उसके पिता कल्लू, रमेश, राजेश, गुड्डी व ऋषि द्वारा प्रथम सूचना रिपोर्ट का समर्थन करते हुए रेशमा की हत्या करने व कमरे के ताले टूटे बक्से के ताले टूटे समान बिखरा पड़ा था और 50 हजार रुपये की गायब होने का कथन किया है। विवेचक द्वारा एक साक्षी भूपेंद्र कुमार का कथन अंकित किया गया है। जिसमें उक्त साक्षी द्वारा अभियुक्ता रीता द्वारा अपनी संस्वीकृति में मृतका के घर में से कोई सामान ना चुराने की बात अंकित है। विवेचक द्वारा लूट की घटना का खुलासा नहीं किया गया। वहीं अभियुक्ता रीता ने अपने बयान में बताया कि मैंने उसकी हत्या तो की थी, लेकिन किसी प्रकार का कोई सामान नहीं चुराया है। न्यायालय ने विवेचक की घोर लापरवाही को मानते हुए पुलिस महानिदेशक को कठोर कार्यवाही करने को कहा है। वहीं पत्रावली को आगे बढ़ाने वाले सक्षम अधिकारी व अभियोजन पक्ष ने भी गहनता से परीक्षण नहीं किया। जिससे उनकी भी लापरवाही सामने आयी है। निदेशक अभियोजन व पुलिस अधीक्षक फर्रुखाबाद को भी कार्यवाही के लिए लिखा है।

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