शहर कोतवाली में बंद कमरे में मिला था शव प्रत्येक आरोपी को ५०-५० हजार रुपए के अर्थदण्ड से दंडित किया
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। अपहरण कर हत्या व साक्ष्य मिटाने के मामले में अपर जिला जज प्रथम विष्णु चंद्र वैश्य ने बाबू उर्फ रणवीर चौहान पुत्र अमर सिंह निवासी हैवतपुर गढिय़ा, प्रभाकर उर्फ सोनू पाठक पुत्र संतोष पाठक निवासी सिविल लाइन मड़ैया, दुर्गेश पुत्र ओंकार मिश्रा निवासी कटरा नुनहाई को दोषी करार दिया। सजा के बिंदु पर 5 अक्टूबर की तिथि नियत है। बीते छ: वर्ष पूर्व शहर कोतवाली निवासी रामजानकी पत्नी स्व0 ओमप्रकाश शर्मा ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि मंैने अपने पुत्र मुकेश शर्मा की गुमशुदगी की सूचना 28 फरवरी को दर्ज कराई थी। उन्होंने कहा कि मेरे पुत्र मुकेश का विवाद 25 फरवरी को डेन अम्बे प्रबंधक सतीश द्विवेदी से हुआ था। उन्होंने व उनके अन्य साथियों वी0के0 निवासी जोगराज, डिस आपरेटर दुर्गेश मिश्रा व अपने साथियों से मिलकर मेरे लड़के का अपहरण कर लिया था। थाना पुलिस ने तहरीर के आधार पर सतीश, वी0के0, दुर्गेश, बाबू व अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया था। लगभग पांच दिन बाद शहर कोतवाली क्षेत्र के एक बंद मकान में शव मिला था। विवेचक ने साक्ष्य गवाह के आधार पर प्रभाकर, दुर्गेश, बाबू, वी0के0 के विरुद्ध न्यायालय मे आरोप पत्र दाखिल कर दिया। बचाव पक्ष की दलील व शासकीय अधिवक्ता तेज सिंह, अनिल कुमार, दीपिका कटियार की पैरवी के आधार पर न्यायाधीश विष्णु चंद्र वैश्य ने रणवीर उर्फ बाबू, प्रभाकर, दुर्गेश को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास व प्रत्येक को पचास हजार रूपए के अर्थदंड से दंडित किया है। ————————
