बीडीओ व एपीओ की सह पर मनरेगा में चल रहा लाखों के घोटाले का खेल

शमशाबाद, समृद्धि न्यूज। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के लिए तमाम योजनाओं को संचालित कर रही है, वहीं व्याप्त भ्रष्टाचार की आगोश में सभी योजनाएं धड़ाम हो रही हैं। विकास के नाम पर सरकार द्वारा हजारों लाखों रुपए खर्च किए जाने के बावजूद भी गांव की भौगोलिक स्थिति पूर्व की भांति नजर आ रही है। कहीं भी कोई खास बदलाव विकास नहीं देखा जा रहा है, हालाकि सरकार ने व्याप्त भ्रष्टाचार को रोकने के लिए तरह-तरह के प्रयास किए। यहां तक कि भ्रष्टाचार पर प्रतिबंध लगाने के लिए ऑनलाइन सेवाएं आरंभ कीं, लेकिन भ्रष्टाचारियों ने उसकी भी काट ढूंढ ली। कहावत है तू डाल डाल में पात पात, शायद इसी कहावत को अपनाते हुए ग्राम पंचायतों में जनप्रतिनिधि विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से भ्रष्टाचार को अंजाम दे रहे हैं जिसमें विकास खंड अधिकारी एपीओ की अहम भूमिका है और इन दोनों अधिकारियों की मिली भगत से ही विकास खंड शमसाबाद की ग्राम पंचायतों में मनरेगा योजना में घोटाले पर घोटाले किये जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार इस समय शमशाबाद विकास खंड में नरेगा के तहत लाखों का घोटाला कर प्रधान व अधिकारी अपनी जेबें भरने में लगे हुए हैं। ऐसा ही एक मामला शमसाबाद विकास खंड की ग्राम पंचायत लहरा रजा कुलीपुर में देखने को मिला। जहां ग्राम प्रधान अतुल द्वारा अमृत सरोवर में मिट्टी व सफाई का कार्य होना था। जिस कार्य के लिए दो मस्टरोल में 20 मजदूरों की उपस्थिति दर्शाकर मौके पर मात्र चार मजदूर कार्य कर रहे थे। ये कार्य पिछले एक सप्ताह से चल रहा है, जबकि ग्रामीणों ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से यहां मात्र दो चार मजदूर ही काम करते हैं। जब इस मामले की जमीनी हकीकत से रूबरू हुआ गया तो वहां का नजारा ही कुछ और था। ग्राम प्रधान व रोजगार सेवक द्वारा 20 मजदूरों द्वारा कार्य होना दर्शाया गया था और उनकी हाजिरी भी नरेगा के पोर्टल पर अपलोड कर दी गई थी, जबकि मौके पर सिर्फ और सिर्फ चार मजदूर ही कार्य करते मिले। शमशाबाद विकास खंड में इस समय मनरेगा के तहत फर्जी मजदूरों को दर्शाकर खंड विकास अधिकारी व एपीओ तथा ग्राम प्रधान के द्वारा लाखों के बारे न्यारे कर सरकार को चूना लगाया जा रहा है और उच्च अधिकारी इस कृत्य पर मौन साधे हुए हैं। जो मनरेगा में घोटाला होने का साफ संकेत दे रहा है। इस संबंध में जब खंड विकास अधिकारी शमशाबाद शमीम अशरफ से फोन के जरिए संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन अपरिहार्य कारणों के चलते संपर्क नहीं हो सका। इससे पूर्व एपीओ से भी संपर्क करने की कोशिश की गई, मगर बात नहीं हो सकी। ——————
