सरयू पूजन में निवेदित हुई आस्था और छप्पन भोग व भव्य फूल बंगला से सजा सिद्धपीठ बड़ा भक्तमाल।

नौ दिवसीय पुण्यतिथि समारोह में बह रही है भक्ति भाव की धारा और डुबकी लगा रहे हैं श्रद्धालु।

समृद्धि न्यूज़ अयोध्या।रामनगरी की सिद्ध पीठ बड़ा भक्तमाल में चल रहे नौ दिवसीय पुण्यतिथि समारोह के आठवें दिन दोनों पहरों में अलग अलग तरीके से आस्था निवेदित की गई।इस कड़ी में जहां पहले पहर में मां सरयू के दरबार में चुनरी महोत्सव आयोजित किया गया वहीं दूसरे पहर में सिद्ध पीठ बड़ा भक्तमाल मंदिर में भव्य फूल बंगला सजाया गया।इन दोनों पहरों में भक्ति के भाव का सैलाब कुछ यूं रहा कि मंदिर से जुड़े श्रद्धालुओं के साथ कार्यक्रम में मौजूद रहे भक्तजन भी आस्था में सराबोर नजर आए।आठवें दिन की शुरुआत बड़ा भक्तमाल मंदिर के महंत अवधेश दास के निर्देशन में पूर्वाह्न सरयू महोत्सव के साथ हुई जिसमें मां सरयू का पूजन अर्चन कर दुग्ध अभिषेक किया गया तथा एक छोर से दूसरे छोर तक मां सरयू को चुनरी अर्पित की गई।तकरीबन दोपहर तक चले इस कार्यक्रम के बाद मंदिर के दरबार में विराजमान प्रभु श्री राम व माता जानकी को छप्पन भोग लगाया गया और भव्य फूल बंगला सजाया गया।इस फूल बंगले की सजावट इतनी अलौकिक रही कि मंदिर परिसर में मौजूद हर शख्स इसकी अलौकिकता को निहारत रहा‌। यह दोनों कार्यक्रम देर रात तक चले जिनके साथ इस नौ दिवसीय समारोह के आठवें दिन का कार्यक्रम समाप्त हो गया।ज्ञात हो कि शुक्रवार को अपने एक दिवसीय अयोध्या दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ श्रीरामलला व हनुमानगढ़ी का दर्शन करने के बाद मुख्यमंत्री रामघाट स्थित बड़ा भक्तमाल आश्रम पहुंचे थे और मंदिर के पूर्वाचार्य महंत रामशरण दास बड़े भक्तमाली महाराज की 49वीं पुण्यतिथि समाराेह में शामिल हुए थे।इस दाैरान मुख्यमंत्री ने बड़ाभक्तमाल के वयाेवृद्ध महंत काैशल किशोर दास महाराज के सानिध्य में विराजमान भगवान श्रीराम व मां जानकी काे साेने का मुकुट,हार,कुंडल और छत्र आदि अर्पित किया था।लगभग सवा किलाे साेने से बना भगवान का यह स्वर्णजड़ित आभूषण मंदिर के महंत अवधेश दास और भक्त परिवार द्वारा बनवाया गया है जिसे काेटा राजस्थान के कारीगरों ने तैयार किया है।इस दौरान मुख्यमंत्री याेगी आदित्यनाथ ने कहा था कि उन्हें आश्रम के पूर्वाचार्य बड़े भक्तमाली महाराज की 49वीं पुण्यतिथि समाराेह में सम्मिलित होने का अवसर प्राप्त हुआ है जिनके प्रति मै सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित कर नमन करता हूं।यहां गुरु-शिष्य की परंपरा काे सुदृढ़ रूप से आगे बढ़ाने का काम हाे रहा है।प्रभु के समर्पण के प्रति भाव था।संत जहां जाता है वहां जंगल में मंगल कर देता है।उन्हीं में से एक बड़ाभक्तमाल के महंत काैशल किशोर दास महाराज भी है जहां उनके नेतृत्व में सेवा का कार्य चल रहा है और उनके स्वामी अवधेश कुमार दास उस परंपरा निर्वाहन कर रहे हैं।उन्होंने कहा था कि नर सेवा ही नारायण सेवा है,जिसका आदर्श बड़ाभक्तमाल आश्रम है।काैशल किशोर दास महाराज का दर्शन और आशीर्वाद हम सभी काे सदैव मिलता रहे,यही ईश्वर से कामना है।मुख्यमंत्री ने कहा था कि संतों ने राममंदिर आंदोलन काे नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। पांच साै वर्षाें के बाद श्रीरामलला अपने दिव्य भव्य मंदिर में विराजमान होने जा रहे हैं जिससे संबंधित प्राण प्रतिष्ठा समारोह का कार्यक्रम आगामी 22 जनवरी को निर्धारित है जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सम्मिलित हाेंगे।उन्होंने कहा था कि अयाेध्यावासी आतिथ्य सेवा के रूप में उनका स्वागत करें,इसके लिए वे अभी से जुट जाएं और इसे ऐतिहासिक बना दें।हम सब एक नये भारत का दर्शन कर रहे हैं।दुनिया का हर व्यक्ति सनातन धर्म तथा भारत एवं भारतीयों के प्रति सम्मान रखता है।इस बीच बड़ाभक्तमाल के महंत स्वामी अवधेश कुमार दास माल्यार्पण व अंगवस्त्र ओढ़ाकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्वागत किया था।

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