
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। अधिवक्ता ने जिलाधिकारी से फर्जी मृत्यु पत्र जारी करने की शिकायत की है। डीएम ने कार्यवाही करने का भरोसा दिया है।
बुधवार को अधिवक्ता राजकुमार सिंह राठौर जनपद कन्नौज तहसील व थाना छिबरामऊ ग्राम बहवलपुर निवासी शीलकुमार हजेला पुत्र रघुनाथ दास हजेला को साथ लेकर डीएम को शिकायती पत्र सौंपा। जिसमें कहा है कि उसके परबाबा स्व0 छोटेलाल थे। स्व0 छोटेलाल के तीन पुत्र स्व0 भगवानदास, स्व0 रघुनाथ दास व स्व0 दामोदर दास थे। स्व0 भगवानदास के दो पुत्र स्व0 बालकराम व स्व0 प्रहलाद थे तथा स्व0 रघुनाथ दास के स्व0 गोपालदास व पीडि़त स्वंय शील कुमार हजेला व स्व0 रवीन्द्र कुमार हजेला थे। स्व0 दामोदर दास के पांच पुत्र स्व0 विजय कुमार हजेला, स्व0 अशोक कुमार हजेला व संत कुमार हजेला, दीपक कुमार हजेला व अजय कुमार हजेला जीवित हैं। स्व0 बालकराम जो पीडि़त के चचेरे भाई थे का एक पुत्र स्व0 ज्ञान कुमार था जो कि नगर पालिका फर्रुखाबाद में मोहर्रिर के पद पर कार्यरत था। वह मोहल्ला मनिहारी में रहता था। पीडि़त के चचेरे भाई बालकराम ने अपने जीवन काल में ही अपनी चल व अचल सम्पत्ति का वसीयतनामा पीडि़त के नाम कर दिया था, क्योंकि उनके पुत्र ज्ञानकुमार विवाह योग्य नहीं था तथा न ही उनका विवाह हुआ था। पीडि़त के चचेरे भाई बालकराम की मृत्यु के पश्चात पीडि़त उनकी चल अचल सम्पत्ति का वसीयत के आधार पर वारिस हुआ।
पीडि़त के भतीजे ज्ञान कुमार की मृत्यु हुई उससे पहले ही पीडि़त के गांव में चकबंदी चल रही थी तथा चकबंदी का रिकार्ड फतेहगढ़ कार्यालय फूसबंगला में अग्निकांड होने के कारण नष्ट हो गया था। जिस कारण सम्पत्ति का दाखिल खारिज नहीं हो पाया था। पीडि़त के भतीजे ज्ञान कुमार पुत्र स्व0 बालकराम की अचल सम्पत्ति असल रिकार्ड उपलब्ध न होने के कारण अभी उसी के नाम दर्ज चली आ रही है। पीडि़त के भतीजे ज्ञान कुमार की मृत्यु १८ अगस्त १९९१ को हो गयी थी।
मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त करने हेतु अपर जिलाधिकारी प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। जिस पर अधिशाषी अधिकारी द्वारा सम्पूर्ण जांच के उपरान्त 6 मई 2023 को ज्ञान कुमार पुत्र स्व0 बालकराम निवासी हाल मनिहारी फर्रुखाबाद व स्थाई पता ग्राम बहवलपुर तहसील छिबरामऊ जनपद कन्नौज की मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया गया। पीडि़त के भतीजे की मृत्यु के पश्चात बलराम सिंह पुत्र त्रिभुवन सिंह निवासी बहबलपुर तहसील व थाना छिबरामऊ ने गाटा संख्या 835 का बैनामा फर्जी जालसाजी इसी मध्य बलराम सिंह की मृत्यु हो गयी तथा उसका पुत्र अवधेश यादव व प्रताप सिंह यादव पुत्रगण बलराम सिंह यादव अपने पिता के फर्जी बैनामे के आधार पर यह भूमि अपने नाम दर्ज कराना चाहता है। जब इनको इस बात की जानकारी हुई कि पिता द्वारा करवाये गये विक्रय पत्र 28 दिसंबर 91 से पूर्व ही विक्रता ज्ञानकुमार की मृत्यु हो चुकी थी। तब अवधेश सिंह यथ प्रताप सिंह ने पीडि़त के विरूद्ध सिविल जज (सी0डि0) कन्नौज के न्यायालय में एक वाद प्रस्तुत किया जो कि विचाराधीन चल रहा है। जबकि उनका कोई कब्जा उपरोक्त भूमि पर नहीं है। अवधेश सिंह व प्रताप सिंह ने मृत्यु प्रमाणपत्र में परिवर्तन के लिये प्रार्थना पत्र 13 जून 2023 को डीएम को चौ0 अवधेश सिंह के नाम से प्रस्तुत किया। जिस पर डीएम ने अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका को स्वंय सभी तथ्यों की जांच करने का आदेश पारित किया। मृत्यु प्रमाणपत्र दिनांकित 6 मई 2023 से पूर्व भी एक मृत्यु प्रमाणपत्र 9 मार्च 1992 को जारी किया जाना बताया गया है। इस मृत्यु प्रमाणपत्र में ज्ञानेश्वर प्रसाद हजेला पुत्र बालकराम हजेला मृत्यु 7 मार्च 1992 अंकित है। 9 मार्च 1992 को जो मृत्यु प्रमाणपत्र जारी किया गया है। वो किसके प्रार्थनापत्र पर जारी किया गया है, उसका कोई रिकार्ड नगर पालिका परिषद के पास उपलब्ध नहीं है। अवधेश सिंह यादव व प्रताप सिंह यादव शतिर किस्म के अपराधी व्यक्ति है। अवधेश सिंह के विरूद्ध लगभग दस संगीन आपराधिक मुकुदमें दर्ज है। पीडि़त ने २२ अगस्त को प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। जिस पर कार्यवाही किये जाने के संदर्भ में आदेश दिया गया था कि बिना पक्षकार को सुने मृत्यु प्रमाण पत्र निरस्त करके पुन: जारी किया जाये, लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई।कर करा लिया, लेकिन दाखिल खारिज नहीं हुआ।
