प्रयागराज, समृद्धि न्यूज। तबादलों को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट का बेहद अहम फैसला लिया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि ट्रांसफर प्रशासनिक निर्णय, अदालतों को केवल बहुत ही दुर्लभ मामलों में ऐसे आदेशों में हस्तक्षेप करना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न निर्णयों पर भरोसा करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माना है कि हाईकोर्ट सामान्यतया ट्रांसफर ऑर्डर में हस्तक्षेप नहीं कर सकता। क्योंकि वे प्रशासनिक आदेश हैं और नियुक्ति की अंतर्निहित शर्तों के अधीन हैं। हाईकोर्ट ने याची के ट्रांसफर में हस्तक्षेप करने से इन्कार करते हुए कहा कि यह कानूनी स्थापित स्थिति है कि किसी अधिकारी/कर्मचारी का ट्रांसफर नियुक्ति की शर्तों में अंतर्निहित है। प्रासंगिक सेवा नियम में इसके प्रावधान के अभाव में यह नियम में विपरीत प्रावधान के अधीन सेवा की आवश्यक शर्त के रूप में निहित है। नियम 15 में प्रावधान है कि राष्ट्रपति किसी सरकारी कर्मचारी को एक पद से दूसरे पद पर ट्रांसफर कर सकता है। कोर्ट ने कहा कहा याचिकाकर्ता सरकारी कर्मचारी है, उसको कार्य की आवश्यकता के आधार पर जिला आगरा से जिला सहारनपुर में ट्रांसफर कर दिया गया। याचिकाकर्ता ने इस आधार पर ट्रांसफर को चुनौती दी कि उसे तीन महीने पहले जिला फर्रुखाबाद से जिला आगरा में ट्रांसफर कर दिया गया था। उस पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हुए ट्रांसफर ऑर्डर जल्दबाजी में दिया गया। इसके अलावाए यह प्रार्थना की गई कि चूंकि याचिकाकर्ता हृदय रोग से पीडि़त है, इसलिए उसे प्रयागराज या किसी नजदीकी स्थान पर ट्रांसफर किया जा सकता है। जस्टिस क्षितिज शैलेन्द्र की सिंगल बेंच ने आदेश दिया है।
