टॉपटेन अपराधी पर 64 से अधिक मुकदमे दर्ज
120 करोड़ से अधिक की सम्पत्ति हो चुकी है कुर्क
ईनामी डब्बन दुबे चल रहा है फरार

कानपुर/फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। 27 वर्ष पुराने इंस्पेक्टर हत्याकांड के मामले में बसपा नेता अनुपम दुबे को अपर जिला जज अष्टम राम अवतार प्रसाद ने आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया।
इंस्पेक्टर रामनिवास यादव की एक मुकदमे में गवाही से लौटते समय अनवरगंज स्टेशन पर खड़ी ट्रेन में घुसकर हत्या कर दी गई थी। अनुपम व उनके मामा नेम कुमार उर्फ बिलैया, कौशल पर हत्या के आरोप का मुकदमा चल रहा था। मुकदमा सुनवाई के दौरान नेम कुमार उर्फ बिलैया की पुलिस मुठभेड़ के दौरान एनकाउंटर मारा गया था। वहीं दूसरे अभियुक्त की भी मौत हो चुकी है।
गुरुवार को कड़ी सुरक्षा में मथुरा जेल में बंद अनुपम को फैसले की सुनवाई के लिए कानपुर कोर्ट लाया गया था। ईओडब्ल्यू में तैनात मेरठ निवासी रामनिवास यादव की अनवरगंज स्टेशन पर खड़ी ट्रेन में 14 मई 1996 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। फर्रुखाबाद में तैनाती के दौरान दर्ज एक मुकदमे की विवेचना रामनिवास ने की थी। मुकदमे में गवाही देने के लिए रामनिवास फर्रुखाबाद आये थे। वापस जाते समय यह घटना घटित हुई थी। जीआरपी थाने में अनुपम दुबे के अलावा नेम कुमार उर्फ बिलैया और कौशल के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। तीनों की गिरफ्तारी न हो पाने पर फरारी में ही उनके खिलाफ चार्जशीट कोर्ट भेज दी गई थी। सीबीसीआईडी ने भी मामले की विवेचना कर रिपोर्ट सौंपी थी। मुकदमे की सुनवाई के दौरान ही नेम कुमार उर्फ बिलैया पुलिस मुठभेड़ के दौरान एनकाउंटर में मार दिया गया था। वहीं दूसरे अभियुक्त कौशल की मौत हो चुकी है। अनुपम दुबे के गैर हाजिर रहने पर सीएमएम कोर्ट ने 2021 में कुर्की आदेश जारी कर दिया था। जिसके बाद अनुपम दुबे ने दूसरे मुकदमे में आत्मसमर्पण कर दिया था। जिला शासकीय अधिवक्ता अरविंद डिमरी ने बताया कि मुकदमे में कुल 22 गवाह कोर्ट में पेश किए गए थे। अभियोजन की ओर से 18 गवाह कोर्ट में पेश हुए थे, जबकि कोर्ट विटनेस के रूप में भी चार गवाहों ने अपने बयान दर्ज कराए थे। इनमें से घटना के समय ट्रेन में मौजूद रहे एक गवाह मुलायम सिंह की गवाही महत्वपूर्ण रही। इसे चश्मदीद गवाह के रूप में कोर्ट में पेश किया गया था। साक्ष्य व गवाहों के आधार पर अपर जिला जज अष्टम राम अवतार प्रसाद ने अभियुक्त अनुपम दुबे को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया। बसपा नेता अनुपम दुबे के खिलाफ ६४ से अधिक गंभीर मामले दर्ज है। टॉपटेन सूची में नाम शामिल है। जिला प्रशासन द्वारा १२० करोड़ से अधिक की सम्पत्ति अभी तक कुर्क की जा चुकी है। अनुपम दुबे का एक भाई डब्बन दुबे जिस पर ईनाम घोषित है वह फरार चल रहा है। अमित दुबे उर्फ बब्बन जेल में निरुद्ध है। वहीं छोटे भाई भी फरारी काट रहा है।
