प्रेमिका ने प्रेमी को घर बुलाकर परिजनों के साथ मिलकर मौत के घाट उतारा था
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। प्रेमिका ने दलित प्रेमी को षड्यंत्र के तहत अपने परिजनों के साथ बीते दो वर्षो पूर्व मौत के घाट उतारकर साक्ष्य मिटाने के उद्द्देश्य शव को बोरे में भरकर सडक़ के किनारे फंेक दिया था। अपर जिला जज एससी/एसटी न्यायाधीश महेंद्र सिंह ने ईद मोहम्मद पुत्र गुल्लू खां, इरशाद पुत्र ईद मोहम्मद, रूबीना पत्नी दिलशाद, अनीसा पत्नी ईद मोहम्मद, निशा उर्फ नन्हीं पुत्री ईद मोहम्मद निवासीगण मोहल्ला जटवारा कोतवाली कायमगंज को दोषी करार देते हुए न्यायिक हिरासत में लेकर आजीवन कारावास व प्रत्येक आरोपी को तीस हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया गया है।
विगत दो वर्ष पूर्व कोतवाली कायमगंज के मोहल्ल जटवारा निवासी राधा देवी पत्नी विनोद कुमार ने पुलिस को दी गयी तहरीर में बताया कि मेरा 20 वर्षीय पुत्र सुमित 19 सितम्बर 2022 को समय करीब शाम 5 बजे मोबाइल में गाना डलवाने की बात कहकर निकला था, जो दोबारा घर वापस नहीं आया। जब उसके फोन पर कॉल की तो स्वीच ऑफ जा रहा था। वादिनी ने अपनी रिश्तेदारी में काफी खोजबीन की, परन्तु कोई भी पता नहीं चल सका। दिनांक 23 सितम्बर को अखबार में खबर छपी। खबर को सुनकर अपने पति के साथ मोर्चरी हॉउस फतेहगढ़ में पहुंची। जहां शव को देखकर पहचाना कि उसका पुत्र सुमित है। उसकी किसी अज्ञात व्यक्ति ने हत्या कर दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया। विवेचक स्वाट टीम ने पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जांच पड़ताल शुरु की। जिसमें पाया कि सुमित के मोबाइल फोन से निशा उर्फ नन्हीं से अधिक बातचीत होती है। पुलिस ने अन्य साक्ष्य के आधार पर सुमित और निशा के प्रेम सम्बन्ध थे। निशा ने फोन करके सुमित को अपने घर बुलाया था और उसके परिजनों ने सुमित की हत्या करके शव को बोरे में भरकर सडक़ किनारे गड्ढे में फेंक दिया। विवेचक ने ईद मोहम्मद, इरसाद, रूबीना, अनीसा, निशा के विरूद्ध हत्या, साक्ष्य मिटाने, षड्यंत्र व दलित उत्पीडऩ के मामले में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। बचाव पक्ष की दलील व शासकीय अधिवक्ता अशोक कटियार, अनुज प्रताप सिंह की पैरवी के आधार पर न्यायाधीश महेंद्र सिंह ने ईद मोहम्मद, इरशाद, रूबीना, अनीसा, निशा को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास व तीस हजार -तीस हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है।
दलित युवक की हत्या के मामले में पांच लोगों को आजीवन कारावास
