खगऊ गौशाला का हाल हुआ बेहाल, बेजुबानों पर भारी पड़ रहे हैं जंगली कुत्ते
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। कहने के लिए गाय हमारी माता है, लेकिन कहीं ना कहीं इस शब्द में भी आम आदमी का अपना स्वार्थ छुपा है। यही कारण है जिस गऊ माता तथा उसके बच्चों से पारिवारिक संबंध बनाकर निजी कार्य में उपयोग करते और जब दुर्बलता आती तो यही पशु गौवंश हमारे दुश्मन बन जाते। देर सवेरे मौका पाकर घर से बेघर कर देते। पेट की खातिर विचरण करने वाले आवारा गोवंश कहीं न कहीं हम किसानों के लिए ही मुसीबतों का कारण बनते। गोवंश संरक्षण के लिए सरकार ने जगह-जगह गौशलाओं का निर्माण कराया। वहीं ग्राम पंचायतों को सुरक्षा का जिम्मा भी सौंपा। खिलाने की भी व्यवस्थायें कीं। लाखों का बजट भी प्रशासन को उपलब्ध कराया। गौवंश सुरक्षा का जिम्मा गौपालकों को सौंपा।
अफसोस कहीं ना कहीं स्वार्थ बस हर कोई मुंह मोड़ रहा। पेट की खातिर जिंदगी और मौत से संघर्ष करने वाले गौवंशों का गौशालाओ में हाल-बेहाल देखा गया। विकास खंड शमसाबाद क्षेत्र की खगऊ गौशाला जहां अव्यवस्थाओं का आलम देखा गया। तमाम गौवंशों को भटकते, तो कुछ को जिंदगी मौत से संघर्ष करते हुए देखा गया। एक गौवंश जो मिट्टी के अंदर दबा हुआ संभवत उसकी मौत हो गई। जिसे पशु पक्षी अपना शिकार बना रहे थे। अफसोस सरकार ने गोवंश संरक्षण की तमाम व्यवस्थायें की फिर भी गौशालाओं में गोवंशों का हाल बेहाल देखा जा रहा। गौशाला में तमाम गौवंश जो भूख से तड़पते जिन पर पशु पक्षी और जंगली कुत्ते हावी देखे गए। बताते हैं उक्त गौशाला जिसमें एक गोवंश की मौत हो गई और शव गड्ढे में दबाया गया, लेकिन आधा अधूरा। जिसे मिट्टी में पशु पक्षी अपना शिकार बनाते हुए देखे गए हैं।
