श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा प्रवचन समारोह का हुआ समापन
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा प्रवचन समारोह के समापन अवसर पर श्रद्धालुओं की आस्था का सैलाब उमड़ा। भक्तों ने जयकारे लगाकर पुष्प वर्षा के मध्य जमकर नृत्य किया और भगवान श्रीकृष्ण-राधा के साथ गुलाल लगाकर होली खेली।
गमा देवी मंदिर फतेहगढ़ में आयोजित श्रीमद् भागवत प्रवचन समारोह के समापन अवसर पर नैमिषारण्य से पधारे गीता भागवत मर्मज्ञ पंडित सुनील महाराज ने रामायण की चौपाई तृण सम सिद्धि तीन गुण त्यागी, कहिय तात सोई परम विरागी की व्याख्या करते हुए कहा कि सतो, रजो एवं तमो गुणों का परित्याग करने वाला ही परम वैरागी होता है और जो वैरागी होता है वही योगी कहलाता है।
बाल योगेश्वर श्री कृष्ण भगवान की लीलाओं एवं सुदामा चरित्र की कथा सुनाकर आचार्य पंडित सुनील महाराज ने श्रोता भक्तों को भाव विभोर कर दिया। उन्होंने कहा कि मित्र धर्म को निभाना सुदामा चरित्र से सीखना चाहिए। आचार्य ने कहा कि जो अपनी परीक्षा, संत की समीक्षा और भगवान की प्रतीक्षा करता है उसका कल्याण हो जाता है। आचार्य पंडित अशोक शुक्ला ने कहा कि माता, पिता की सेवा, चारों धामों की यात्रा से बड़ी है। माता पिता व्यक्ति के लिए भगवान स्वरुप ही हैं।
प्रस्तुत भजन गोविन्द मेरो है गोपाल मेरो है श्री बांके बिहारी नन्दलाल मेरो है पर श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर जमकर नृत्य किया तथा जयकारे लगाये। मुख्य यजमान मूकबधिर विद्यालय के प्रधानाचार्य नीरज सक्सेना व उनक धर्म पत्नी अलका सक्सेना रहे। उन्होंने साधु संतों का स्वागत सत्कार किया। दण्डी स्वामी जगदेव महाराज के सानिध्य में आयोजित भागवत समारोह में भाजपा महिला मोर्चा की जिला उपाध्यक्ष रमला राठौर, सभासद अनिल तिवारी, संजीव सिंह राठौर, अंकुर दुबे, प्रदीप चौहान, निशीत सक्सेना, सुनीला तिवारी, आचार्य विष्णु दयाल दीक्षित ने व्यवस्था संभाली।
सतो, रजो एवं तमो गुणों का परित्याग करने वाला ही परम वैरागी-पं0 सुनील महाराज
