कर्मचारियों ने बैठक कर मांगा बकाया वेतन, पेंशन व वीआरएस
कंपिल, समृद्धि न्यूज। विगत 24 वर्षों से बंद पड़ी सहकारी कताई मिल को पुन: शुरू कराने की योजनाएं तो कई बार बनीं, लेकिन उनका क्रियान्वयन नहीं हुआ। मिल के एक हजार से अधिक श्रमिक व कर्मचारियों आज तक बकाया वेतन, पेंशन, वीआरएस आदि के भुगतान को लेकर चक्कर काट रहे हैं।
उत्तर प्रदेश सहकारी कताई मिल संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले बीते दिन सहकारी कताई मिल गेट पर एक सभा का आयोजन किया गया। इसमें श्रमिकों की वेतन से काटे गए फंड का भुगतान करने, ग्रेच्युटी का भुगतान, स्वैच्छिक सेवानिवृत्त में वेतन भुगतान की मांग की गई। संघर्ष मोर्चा के उपाध्यक्ष विनोद शुक्ला, महामंत्री मानसिंह ने सरकार से बकाया भुगतान जल्द से जल्द करने की मांग की अन्यथा की स्थिति में धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी दी। विदित है कि वर्ष 1986 में कंपिल में सहकारी कताई मिल की स्थापना की गयी थी। क्षेत्रीय युवकों को रोजगार मुहैया कराने वाली कताई मिल से जनपद की अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा, लेकिन भ्रष्टाचार व अन्य कारणों से मिल लगातार लगातार घाटे में चली। श्रमिकों की हड़ताल के बाद वर्ष 2000 में शासन के निर्देश पर मिल में तालाबंदी कर दी गयी। सभी श्रमिक व कर्मचारी बर्खास्त हो गये। 14 वर्ष के संचालन के दौरान 36 करोड़ का घाटा अर्जित करने वाली मिल पर कर्मचारियों के फंड, बोनस, ग्रेच्युटी आदि का भी करीब लाखों रुपये बकाया है। बर्खास्त कर्मचारियों व क्षेत्रीय लोगों ने मिल के पुनर्संचालन के लिए काफी प्रयास किये लेकिन सफल नहीं हुए।
24 वर्षों से बंद कताई मिल को नहीं मिली संजीवनी
