किसान यूनियन ने पीडि़त परिवारों से मिलकर लिये हालचाल
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। पांचाल घाट पुल के पास कुछ परिवार आज भी झोपड़ी डालकर रहते है। न ही इनके पास घर है और न ही कुछ भी सरकारी सुविधा मिल रही है। आधार कार्ड होने के बावजूद भी यह लोग विभिन्न सुविधाओं से वंचित है। जहां एक ओर सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना देकर झोपड़ी में रहने वाले लोगों को लाभांवित करती है। ऐसे पात्रों पर किसी भी जिम्मेदार लोगों की नजर नहीं पड़ी है। सोताबहादुरपुर के कुछ परिवार आज भी पांचाल घाट पुल के पास पन्नी डालकर रह रहे है। इन परिवारों के पास न ही जमीन है और न ही पीएम आवास है, न ही बिजली है।
ऐसे में विभिन्न सुविधाओं से वंचित चल रहे परिवार मेहनत मजदूरी कर गुजर कर रहे है और परिवार का भरण पोषण कर रहे है। भारतीय किसान यूनियन के जिला सलाहकार अजय कटियार ने ऐसे लोगों को मदद दिलाने के लिए शासन प्रशासन से गुहार लगायी है। नेशनल हाइवे के 15 फुट गड्ढे में पन्नी डालकर पिछले 15 वर्षों से ग्राम सभा सोता बहादुरपुर के कुछ लोग रह रहे है। कुछ लोगों के पास राशन कार्ड है, आधार कार्ड है। जिसके द्वारा वह चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग करते है। पर किसी भी सांसद व विधायक तथा अन्य नेता को इनकी सुध नहीं है। जमीन के नाम पर एक डिसमिल भी जगह नहीं है। इनका व इनके बच्चों का भविष्य कैसा होगा, पता नहीं। अगर शासन प्रशासन चाहे तो ऐसे लोगों को न्याय दिला सकता है। इन दिनों पीडि़त परिवार सडक़ के किनारे पन्नी डालकर रह रहे है। बाढ़ का प्रकोप है, कीड़े-मकौड़े का भी भय बना रहता है। इनके बच्चों का भविष्य क्या होगा, यह सोंचकर आज भी कुछ परिवार परेशान रहते है। लगातार काम न मिलने के कारण दो टाइम का भोजन भी नसीब नहीं हो पा रहा है। भारतीय किसान यूनियन ने ऐसे पीडि़त परिवारों की मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाया है और शासन से मांग की है कि पीडि़त परिवारों को प्रधानमंत्री आवास मिल जाये। जिससे इन परिवारों को सडक़ के किनारे पन्नी डालकर रहना न पड़े।
पीएम आवास की आस में आज भी गरीब परिवार पन्नी डालकर रहने को मजबूर
