आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति ने आज भारत बंद बुलाया है. भारत बंद के दौरान सार्वजनक परिवहन सेवाओं पर इसका असर पड़ सकता है. हालांकि अस्पताल और एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाएं चालू रहेंगी.
SC-ST आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के विरोध में दलित संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है. कोर्ट के फैसले के खिलाफ आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति ने आज भारत बंद बुलाया है. कई दलित संगठनों ने इस बंद का समर्थन किया है. आरक्षण मुद्दे पर बुलाए गए “भारत बंद” को समाजवादी पार्टी का भरपूर समर्थन है. समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी, कार्यकर्ता,संगठन और नेता “भारत बंद” हिस्सा लेंगे. वहीं, भारत बंद को बहुजन समाज पार्टी का भी समर्थन मिल गया है. बीएसपी की ओर से सभी छोटे-बड़े कार्यकर्ताओं को भारत बंद में शामिल होने की अपील की गई है. इसके अलावा भी कई और पार्टियों ने इस बंद का समर्थन किया है.
क्रीमी लेयर की बात करना कहीं से सही नहीं’
मुकेश सहनी ने कहा कि भारत बंद का उनकी पार्टी नैतिक और सैद्धांतिक रूप से समर्थन करेगी. उन्होंने साफ लहजे में कहा कि आरक्षण में किसी प्रकार का वर्गीकरण नहीं किया जा सकता है. इस विसंगति को दूर करने के लिए केंद्र सरकार को प्रयास करना चाहिए. उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति जिनका आधार ही छुआछूत रहा है. आरक्षण का आधार कभी ना सामाजिक रहा, ना आर्थिक रहा है, ना राजनीतिक रहा है. इसका आधार सिर्फ छुआछूत रहा है. ऐसी स्थिति में क्रीमी लेयर की बात करना कहीं से सही नहीं है.
निषाद आरक्षण के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं सहनी
मुकेश सहनी ने कहा कि यही कारण है कि वीआईपी इस भारत बंद का समर्थन कर रही है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को इन विसंगतियों को दूर करने के लिए अध्यादेश लाना चाहिए. बता दें कि मुकेश सहनी पहले से ही आरक्षण पर बोलते रहे हैं. वह निषादों के आरक्षण के लिए लगातार लड़ाई लड़ रहे हैं और केंद्र सरकार से इसको लेकर मांग भी कर रहे हैं. इस भारत बंद का समर्थन आरजेडी ने भी किया है. आरजेडी नेता श्याम रजक ने कहा है कि भारत बंद पर एक-एक सड़क, एक-एक गली, एक-एक मोहल्ला सारे जगह चक्का जाम हो जाना चाहिए तभी बाबा साहेब भीम राव आंबेडकर के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी. यह खतरा सिर्फ देश के दलितों के लिए नहीं है, यह खतरा देश की 140 करोड़ जनता को है जिसने संविधान पर विश्वास किया है.
भारत बंद का अखिलेश यादव ने किया समर्थन, केंद्र पर बरसे
भारत बंद के समर्थन में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, ‘आरक्षण की रक्षा के लिए जन-आंदोलन एक सकारात्मक प्रयास है. ये शोषित-वंचित के बीच चेतना का नया संचार करेगा और आरक्षण से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ के खिलाफ जन शक्ति का एक कवच साबित होगा. शांतिपूर्ण आंदोलन लोकतांत्रिक अधिकार होता है. बाबा साहब भीमराव अंबेडकर जी ने पहले ही आगाह किया था कि संविधान तभी कारगर साबित होगा जब उसको लागू करनेवालों की मंशा सही होगी. सत्तासीन सरकारें ही जब धोखाधड़ी, घपलों-घोटालों से संविधान और संविधान द्वारा दिए गए अधिकारों के साथ खिलवाड़ करेंगी तो जनता को सड़कों पर उतरना ही होगा. जन-आंदोलन बेलगाम सरकार पर लगाम लगाते हैं.’
बिहार के जहानाबाद में नेशनल एनएच 83 को किया जाम
बिहार के जहानाबाद में भारत बंद समर्थकों ने उंटा में एनएच 83 को जाम कर दिया है. आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति ने आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के विरोध में आज एक दिन का भारत बंद रखा है.
#WATCH | Bihar: Visuals from Jehanabad where Bharat Bandh supporters have blocked the NH 83 in Unta.
The 'Reservation Bachao Sangharsh Samiti' are observing a day-long Bharat Bandh today to protest the Supreme Court's recent judgment on reservations. pic.twitter.com/vIdlGbxMbi
— ANI (@ANI) August 21, 2024
भारत बंद को समर्थन, बीजेपी-कांग्रेस का है आरक्षण विरोधी षड्यंत्र- मायावती
बसपा सुप्रीमो मायावती ने भारत बंद का समर्थन करते हुए कहा कि बीएसपी का भारत बंद को समर्थन है क्योंकि भाजपा व कांग्रेस आदि पार्टियों का आरक्षण विरोधी षड्यंत्र है. इसे निष्प्रभावी बनाकर अन्ततः खत्म करने की मिलीभगत है. 1 अगस्त 2024 को SC-ST के उपवर्गीकरण व इनमें क्रीमीलेयर सम्बंधी सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के विरुद्ध लोगों में रोष व आक्रोश है
1. बीएसपी का भारत बंद को समर्थन, क्योंकि भाजपा व कांग्रेस आदि पार्टियों के आरक्षण विरोधी षडयंत्र एवं इसे निष्प्रभावी बनाकर अन्ततः खत्म करने की मिलीभगत के कारण 1 अगस्त 2024 को SC/ST के उपवर्गीकरण व इनमें क्रीमीलेयर सम्बंधी मा. सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के विरुद्ध इनमें रोष व आक्रोश।
— Mayawati (@Mayawati) August 21, 2024
