योजनाओं का लाभ प्राथमिकता से लाभार्थियों को मुहैया कराने के निर्देश
फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। मत्स्य विभाग द्वारा संचालित विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में करते हुए मंत्री मत्स्य विभाग उ0प्र0 डा0 संजय कुमार निषाद ने सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों को पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर मुहैया कराये जाने के निर्देश दिए। मंत्री ने जनपद कार्यालय में तैनात अधिकारियों/कर्मचारियों की अद्यतन स्थिति, जनपद की ग्राम सभाओ में निहित तालाबों का विवरण, मत्स्य बीज वितरण की उपलब्धि, माह तक अनुमानित मत्स्य उत्पादन, सघन मत्स्य पालन हेतु एयरेशन सिस्टम की स्थापना, किसान के्रडिट कार्ड का लक्ष्य एवं पूर्ति का विवरण, निषाद राज बोर्ड सब्सिडी योजना, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना वर्ष 2023-2024, मुख्य मंत्री मत्स्य संपदा योजना 2023-24, सुधारे गए ग्राम सभा व अन्य पट्टे के तालाबो में प्रथम वर्ष निवेश, उत्तर प्रदेश मत्स्य पालक कल्याण कोष योजना अंतर्गत विवरण, मत्स्य पालक कल्याण कोष अंतर्गत सामुदायिक भवन की स्थापना, मत्स्य विभाग में संचालित समस्त योजनाओं में वर्ष 2022-23 से मछुआ समुदाय का विवरण, जनपद में संचालित अन्य परियोजनाओं तथा मछुआ समुदाय एवं मत्स्यपाल को के लिए आवंटित तालाबों के लक्ष्य एवं जनपद में विकसित, अद्र्व विकसित एवं अविकसित तालाबों के संबंध में जानकारी प्राप्त कर कहा कि शासनादेश में दी गई व्यवस्था अनुसार मछुआ समुदाय के लोगों को प्राथमिकता के आधार पर तालाब का आवंटन कराया जाए। राजस्व संहिता का उल्लंघन होने पर जांच कर अपात्रों को जो भी पट्टे आवंटित हुए हैं उन्हें निरस्त कर पट्टे मछुआ समुदाय के लोगों को आवंटित किया जाए। उन्होंने कहा कि आम जन सामान्य में मछुआ समुदाय की सक्सेस स्टोरी का व्यापक प्रचार प्रसार कराया जाए तथा जो भी जनकल्याणकारी एवं लाभार्थीपरक योजनाएं मछुआ समुदाय के लोगों के लिए केन्द्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा संचालित है, उनका शत-प्रतिशत पात्र लाभार्थियों में चयन कर वितरण कराया जाए। सुनिश्चित किया जाए की किसी भी अपात्र व्यक्ति को शासकीय योजना का लाभ न मिल पाए। उन्होंने जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक को निर्देशित किया कि अधिक से अधिक संख्या में मछुआ समुदाय के लोगों के केसीसी कार्ड शिविर लगाकर बनाए जाऐ। उन्होंने नेडा विभाग को सौर ऊर्जा संचालित स्ट्रीट लाइट मछुआ समुदाय की आबादी बहुल ग्रामों में सार्वजानिक स्थानों पर लगवाए जाने के निर्देश दिए। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह मछुआ समुदाय के कल्याण के लिए प्रदेश सरकार द्वारा संचालित योजना का लाभ प्रत्येक पात्र तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि विभागीय योजनाओं के संचालन के लिए अधिकारियों में आपसी समन्वय की कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि तालाबो का आवंटन पूरी पारदर्शिता के साथ पात्र व्यक्ति को ही दिया जाए, ताकि रोजगार से जुडक़र अपनी आजीविका चलाते हुए समाज की मुख्य धारा से जुड़ सकें। निषादराज वोट सब्सिडी योजना के सम्बन्ध में भी पारदर्शिता बरतने का निर्देश दिया। मंत्री ने कहा कि मछुआरों को मत्स्य किसान क्रेडिट कार्ड योजना के अन्तर्गत बैंको से समन्वय स्थापित लक्ष्य की पूर्ति करांए। उन्होंने मत्स्य अधिकारी को मत्स्य विभाग की जनकल्याणकारी एवं लाभार्थी पर योजनाओं का व्यापक प्रचार प्रचार करने तथा पात्र आवेदकों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान डीएम, एसपी, सीडीओ, एडीएम, एएसपी, एलडीएम, उपनिदेशक मत्स्य कानपुर मण्डल, पीओ नेडा, अधिशासी अभियंता विद्युत, अधिशासी अभियंता सिंचाई, अधिशासी अभियंता जल निगम व संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
जिलाध्यक्ष अनिल कश्यप को नहीं घुसने दिया गया सभागार में
फर्रुखाबाद। अपनी ही पार्टी के मंत्री की बैठक में जिलाध्यक्ष व अन्य पदाधिकारियों को नहीं घुसने दिया गया। जिससे सभी काफी आहत हुए। मत्स्य विभाग उत्तर प्रदेश के राज्यमंत्री डा0 संजय कुमार निषाद का पहले से ही कार्यक्रम प्रस्तावित था। जिसके तहत सोमवार को वह कलेक्टे्रट सभागार में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक ली। इस दौरान मंत्री की ही पार्टी के जिलाध्यक्ष अनिल कश्यप व अन्य पदाधिकारी भी पहुंचे। जिन्हे कलेक्टे्रट सभागार के मुख्य द्वार पर लगे सुरक्षा कर्मियों ने घुसने नहीं दिया। इस दौरान उन्होंने अंदर सूचना भिजवायी और अपने मंत्री को फोन भी किया कि उन्हे अंदर नहीं घुसने दिया जा रहा है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अनिल कश्यप ने पदाधिकारियों के साथ डीएम कक्ष में पहुंचकर एक दिन की बनी डीएम मैडम से शिकयत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। जिलाध्यक्ष अपने अन्य पदाधिकारियों के साथ सभागार के बाहर ही खड़े रहे और इंतजार करने लगे कि कब बैठक समाप्त हो और अपनी पीड़ा मंत्री जी के सामने रखे।
