पीलीभीत में रेप पीड़िता ने पुलिस कार्यशाली से तंग आकर जहर खाकर अपनी जान दे दी. मरने से पहले उसका वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें वह थाना अध्यक्ष पर मरने के लिए उकसाने का आरोप लगा रही है. आरोप है कि थाना अध्यक्ष ने कहा जहर खा लो इसके बाद युवती ने जहर खाकर तड़प तड़प कर जान दे दी.सीओ सदर विधि भूषण सिंह का कहना है कि जो भी तहरीर मिलेगी उस पर आरोपियों पर कार्रवाई की जाएगी. वहीं पीड़िता के मौत के बाद पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने भी पुलिस प्रशासन पर जमकर हमला बोला है. थाना अमरिया क्षेत्र की रहने वाली इस युवती का प्रेम प्रसंग कई वर्षों से एक युवक के साथ चल रहा था. उसने उस युवक पर अपने विश्वास के चलते न केवल अपना समय, बल्कि भारी मात्रा में पैसा भी खर्च किया, जिससे वह विदेश जा सके. परंतु, जब वह युवक विदेश से वापस लौटा, तो उसने युवती से शादी करने से इंकार कर दिया. पिछले कुछ दिनों से पीड़िता थाने के चक्कर लगा रही थी और कार्रवाई की मांग कर रही थी. आरोप है कि थाना अध्यक्ष ब्रजवीर सिंह ने मानसिक उत्पीड़न करते हुए उसे जहर खाकर जान देने की बात कही. जहर खाने के बाद पीड़िता को बरेली हायर सेंटर रेफर किया गया, जहां उसकी मृत्यु हो गई. घटना से पहले का बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. इस मामले में सीओ सदर विधि भूषण मौर्य ने आश्वासन दिया है कि जो भी तहरीर मिलेगी, उस पर कार्रवाई की जाएगी.
आरोपी युवक पर नहीं हो रही थी कार्रवाई
युवती का आरोप था कि पुलिस ने आरोपी युवक से पैसा ले लिया.पुलिस की कार्यशैली से आरोपी की हिम्मत बढ़ गई और उसने दूसरी जगह 20 अक्टूबर को शादी कर ली. अब पिछले 10 दिन से युवती लगातार थाने में ही आरोपी पर कार्रवाई करने के लिए बैठी थी.लेकिन आरोप है थाना अध्यक्ष ब्रजवीर सिंह उसका मानसिक शोषण कर रहे थे. कल देर शाम एसओ ब्रजवीर सिंह ने युक्ति से जहर खाकर जान देने के लिए कह दिया.इसके बाद युक्ति ने जहर खा लिया यह साफ नहीं हो पाया है कि थाने के अंदर जहर खाया या थाने के बाहर.
अखिलेश यादव ने सरकार पर उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा- “भाजपा राज में पुलिस के भ्रष्ट और अमानवीय व्यवहार से दुखी होकर,महीनों की हताशा के बाद,दुष्कर्म की शिकार पीलीभीत की एक युवती का ज़हर खाकर आत्महत्या करना बेहद दुखद घटना है. इस बात की पुष्टि का सबूत मृतका द्वारा दिये गये वीडियो में दर्ज है. भाजपा वाले ‘महिला सुरक्षा’ पर क्या अब कोई बड़बोला बयान देना चाहेंगे. अधिकारियों की बेईमानी में भाजपाइयों की हिस्सेदारी ही समस्या की मूल जड़ है.इसकी गहन जाँच हो और जिसको भी इस घूस में हिस्सा मिला है, उस पर दंडात्मक कार्रवाई हो.” उन्होंने यह भी कहा कि उप्र सरकार अपने भ्रष्टाचार और हृदयहीन व्यवहार के लिए स्वयं ‘निंदा-प्रस्ताव’ पारित करे और अपने ही ऊपर 1 करोड़ का जुर्माना लगाए और मृतका के परिजनों को ये संवेदना राशि दे.
