अमिताभ श्रीवास्तव
समृद्धि न्यूज़ अयोध्या। जनपद न्यायाधीश व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अध्यक्ष रणंजय कुमार वर्मा के निर्देशन में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश व प्राधिकरण सचिव/ सदस्य अनुश्रवण समिति अनिल कुमार वर्मा,अपर जनपद न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट-द्वितीय/अध्यक्ष अनुश्रवण समिति श्रीमती नूरी अंसार तथा प्रधान मजिस्ट्रेट किशोर न्याय बोर्ड/सदस्य अनुश्रवण समिति अमित कुमार यादव तृतीय द्वारा सोमवार को राजकीय सम्प्रेक्षण गृह (किशोर), और राजकीय महिला शरणालय भीखापुर का निरीक्षण किया गया।निरीक्षण के दौरान राजकीय सम्प्रेक्षण गृह (किशोर) में निरूद्ध किशोर अपचारियों से उनके स्वास्थ्य के एवं भोजन के बारे मे जानकारी ली गयी। अपचारियों द्वारा बताया गया कि स्वास्थ्य की जांच के लिए समय समय पर चिकित्सक आते रहते है और भोजन मीनू के अनुसार दिया जाता है।बताया गया कि यहां अध्यापकों की भी व्यवस्था की गयी है जो वहां उपस्थित किशोर अपचारियों को शिक्षा देते हैं।इस दौरान सहायक अधीक्षक राजकीय सम्प्रेक्षण गृह (किशोर) को समुचित साफ सफाई हेतु निर्देशित किया गया।सचिव श्री वर्मा द्वारा किशोर अपचारियों को निःशुल्क विधिक सहायता के बारे में जानकारी दी गयी और बताया गया कि यदि किसी किशोर अपचारी को विधिक सहायता चाहिए तो जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय अयोध्या के अन्तर्गत एलएडीसीएस के माध्यम से निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त कर सकते हैं।उनके द्वारा राजकीय सम्प्रेक्षण गृह (किशोर), में संधारित होने वाले कर्मचारियों की उपस्थिति पंजिका की भी जांच की गयी।महिलाओं से उनके स्वास्थ्य एवं भोजन के विषय में पूछने पर उनके द्वारा बताया गया कि सबका स्वास्थ्य अच्छा है एवं भोजन भी अच्छा मिलता है।इस दौरान राजकीय महिला शरणालय अधीक्षिका को समुचित साफ सफाई हेतु निर्देशित किया गया।इसी क्रम में सचिव श्री वर्मा द्वारा जनपद कारागार का भी निरीक्षण किया गया।निरीक्षण के दौरान सचिव श्री वर्मा द्वारा जेल में निरूद्ध बन्दियों के सम्बन्ध में विभिन्न बिन्दुओं पर जानकारी प्राप्त की गयी।इसमें 30 नवंबर को कुल बंदियों की संख्या 793 रही, जिसमें महिला बन्दियों की संख्या 46 तथा उनके साथ रह रहे बच्चों की संख्या 04 है।जिला कारागार में साफ सफाई अच्छी पायी गयी।बन्दियों द्वारा बताया गया कि प्रातः कालीन नाश्ते में दलिया,गुड,चाय,भोजन में रोटी, उरद,राजमा की दाल,आलू चैराई,दालबड़ी की सब्जी, अपराह्न काल में मीठा बिस्कुट, चाय व सायं कालीन भोजन चावल,रोटी,अरहर की दाल, लौकी आलू की सब्जी दी गई है और भोजन मीनू के अनुसार दिया जाता है।निरीक्षण के दौरान सचिव श्री वर्मा द्वारा अधीक्षक जिला करागार को निर्देशित किया गया कि बन्दियों के बौद्धिक विकास हेतु उनको मोटिवेट किया जाय,जिससे सभी बन्दी मानसिक तौर पर विकसित होकर देश विकास के मुख्य धारा में अपना योगदान प्रदान करें।श्री वर्मा द्वारा पूछने पर बताया गया कि अध्ययनरत बंदियों के लिए सरकारी अध्यापकों की व्यवस्था की गयी है जो बंदियों को विषय के अनुसार शिक्षा देते हैं।उन्होंने बताया कि जो बंदी निरक्षर है उन्हें साक्षर किये जाने का प्रयास किया जा रहा है।यह जेल प्रशासन द्वारा उठाया गया यह एक सार्थक कदम है।
