कम्पिल, समृद्धि न्यूज। गाँव त्योरखास में तीन दिवसीय आध्यात्मिक सत्संग एवं हरिकथा संकीर्तन में प्रथम दिवस की कथा का आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामवासी मौजूद रहे।
दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के आशुतोष महाराज के मार्गदर्शन में साघ्वी उज्जवला भारती, साघ्वी वेकाणी भारती, साघ्वी सुशीला भारती ने दिव्य सुमधुर भजनों, प्रवचनों से ग्रामीणों को आत्मचिंतन कर भगवान की भक्ति के लिए प्रेरित किया। साध्वी उज्ज्वला भारती ने बताया मानव तन की प्राप्ति ईश्वर को प्राप्त करना है। ईश्वर को पाने के लिए परमगुरु से ब्रह्म ज्ञान द्वारा ईश्वर दर्शन परम् आवश्यक है। मानव जीव के अलावा कोई दूसरा जीव ईश्वर की भक्ति नहीं कर सकता, क्योंकि वह अपने कर्मों के अनुसार भोग भोगने के लिए बाध्य है, लेकिन अगर जीव भगवान की भक्ति के लिए आगे बढ़ता है तो उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। उसके सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। साघ्वी वेकाणी भारती के भजनों को सुनकर श्रोता मंत्र मुग्ध हो गये। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में महिलायें और पुरुष श्रोता मौजूद रहे।
मानव तन की प्राप्ति ईश्वर को प्राप्त करना है-साध्वी उज्जवला
