नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हादसे की आई शुरुआती जांच रिपोर्ट

स्टेशन पर मची भगदड़ के अगले दिन रविवार को दिल्ली पुलिस की ओर से जारी बयान में कहा कि प्रयागराज जाने वाली दो एक जैसे नामों वाली ट्रेनों के चलते यात्रियों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हुई। इसके बाद स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार कर रहे यात्रियों में अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हुई और भगदड़ मच गई।

शनिवार 15 फरवरी की रात कुछ लोगों के लिए काल बनकर आई. ये वो तारीख है जिसे शायद कोई नहीं भूल सकेगा. एक हादसे ने कई घरों को तबाह कर दिया. शनिवार को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन में मची भगदड़ में 18 लोगों की मौत हो गई, वहीं करीब एक दर्जन से ज्यादा लोग जख्मी हो गए. इस घटना से हड़कंप मच गया. इस घटना की रेल मंत्रालय ने उच्च स्तरीय जांच का आदेश दिया है. इस बीच हादसे को लेकर रेल मंत्रालय की शुरुआती जांच रिपोर्ट सामने आई है. रेलवे ने माना प्लेटफॉर्म बदलने की घोषणा की गई थी. रिपोर्ट के मुताबिक महाकुंभ के लिए अप्रत्याशित भीड़ आ रही है. इसलिए कई स्पेशल ट्रेनोंं की व्यवस्था पिछले कई दिनों से की गई है. कल 15 फरवरी को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर दुखद घटना घटी. रिपोर्ट में बताया गया है कि प्रयागराज एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म 14 पर आने वाली थी. महाकुंभ जाने के लिए यात्री प्लेटफॉर्मपर इंतजार कर रहे थे. गाड़ी आने में अभी कुछ देरी थी. इसी बीच प्लेटफॉर्म 12 पर स्पेशल ट्रेन की घोषणा हुई. इसी दौरान प्लेटफॉर्म 14 सेयात्री प्लेटफॉर्म 12 की तरफ जाने लगे. इससे सीढ़ियों पर भगदड़ मची और दर्दनाक हादसा हुआ.

उच्च स्तरीय जांच के आदेश

इससे पहले रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घटना पर दुख जताते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया था. उन्होंने कहा था कि रेलवे द्वारा उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए गए है. बताया जा रहा है कि हादसे की जांच के लिए दो सदस्यीय कमेटी बनाई गई है जो इसकी जांच कर रही है. वहीं जल्द ही एक विस्तृत आधिकारिक रिपोर्ट जारी की जाएगी.

लेडी हार्डिंग और LNJP अस्पताल में भर्ती जख्मी

वहीं हादसे में जख्मी लोगों का दिल्ली के लेडी हार्डिंग और LNJP अस्पताल में चल रहा है. लोकनायक अस्पताल में इमरजेंसी विभाग की प्रमुख डॉक्टर रितु सक्सेना के मुताबिक घटना में 18 लोगों की मौत हुई है. उन्होंने बताया कि हादसे में जो लोग जख्मी हुए थे उनका इलाज किया जा रहा है. इस बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने अस्पताल के डॉक्टर से मौजूदा हालात का जायजा लिया. नड्डा ने फोन पर अस्पताल के डॉक्टर से बात की स्थिति के बारे में जानकारी ली.

पुलिस के मुताबिक

कल रात नई दिल्ली से प्रयागराज के लिए चार ट्रेनें रवाना होनी थीं, लेकिन इनमें से तीन ट्रेनें देरी से चल रही थीं। इसके चलते स्टेशन पर भीड़ का दबाव बढ़ा। जो लोग प्लेटफॉर्म 14 पर प्रयागराज एक्सप्रेस में नहीं चढ़ पाए, वे प्लेटफॉर्म 16 की ओर बढ़ने लगे, जिससे यात्रियों की भीड़ बढ़ती चली गई।

तीन ट्रेन चल रही थीं देर से

पुलिस का कहना है कि जिस वक्त भगदड़ मची उस समय प्रयागराज एक्सप्रेस प्लेटफार्म 14 पर खड़ी थी। जबकि मगध एक्सप्रेस प्लेटफार्म 12, स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस 13 और भुवनेश्वर राजधानी प्लेटफार्म 15 पर खड़ी थी। प्रयागराज को होकर जाने वाली तीन ट्रेनें देरी से चल रही थीं।

विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट अंतिम रिपोर्ट होगी

डीसीपी रेलवे केपीएस मल्होत्रा ने बताया, ‘आरपीएफ और दिल्ली पुलिस ने एक संयुक्त व्यवस्था की है। विशेष ट्रेनों के लिए गतिशील व्यवस्था की गई है। निकास बिंदुओं और फुटओवर ब्रिज दोनों पर व्यवस्था की गई है। विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट अंतिम रिपोर्ट होगी, जो कल आएगी। हमारी भूमिका यह सुनिश्चित करना है कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।’

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