लद्दाख के न्योमा इलाके में एक हादसे में दो जूनियर कमीशंड अधिकारियों (जेसीओ) की मौत हो गई. अधिकारियों ने मंगलवार (18 फरवरी) को इस घटना की जानकारी दी. लेह से 150 किलोमीटर दूर स्थित एक आर्मी कैंप में पानी की टंकी फटने से यह दर्दनाक हादसा हुआ. इस हादसे में सूबेदार संतोष कुमार और नायब सूबेदार सुनील कुमार ने अपने प्राणों की आहुति दी. सेना ने कर्तव्य निभाते हुए बलिदान देने वाले इन वीर योद्धाओं को श्रद्धांजलि अर्पित की. घटना रविवार, 16 फरवरी को हुई थी. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है.
GOC, फायर एंड फ्यूरी कोर और सभी रैंक, 16 फरवरी 2025 को लद्दाख में कर्तव्य की लाइन में सर्वोच्च बलिदान देने वाले सूबेदार संतोश कुमार और नायब सूबेदार सुनील कुमार को सलाम करते हैं और इस शोक के समय शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।
बलिदान को हमेशा किया जाएगा याद
भारतीय सेना के ये जांबाज कर्तव्य पथ पर शहीद होकर देश के प्रति अपनी निष्ठा और समर्पण का परिचय दे गए. पूरा देश उनकी सेवा, त्याग और बलिदान को नमन करता है.
फर्रुखाबाद के सुनील कुमार शहीद
फर्रुखाबाद। विकास खंड मोहम्मदाबाद क्षेत्र के गांव दुल्लामेई निवासी राजबहादुर के पुत्र नायब सूबेदार सुनील कुमार प्रजापति (35) 71 इंजीनियर रेजीमेंट लेह के चुम्माथांग इलाके में तैनात थे। विगत 16 फरवरी को वह साथी जवान के साथ कैंप से निकले। पास में ही स्थित पानी की टंकी में अचानक विस्फोट होने से दोनों घायल हो गए। विस्फोट की आवाज सुनकर साथी बाहर निकले। घायलों को पास के अस्पताल में ले जाया गया। जहां उपचार के दौरान सुनील की माैत हो गई। यूनिट से हादसे की सूचना पिता को दी गई। सुनील के शहीद होने की सूचना मिलते ही परिजनों का रो-रोक हाल बेहाल हो गया। पत्नी रेखा के अलावा सुनील के तीन बच्चे हैं। बड़ा पुत्र ईशू (11), बेटी गौरी (07) और ईशा(04) है। बलिदानी सुनील घर में बड़े थे। छोटा भाई अनिल और बहन अनीता है। अनीता मेडिकल की पढ़ाई कर रही है। पिता राजबहादुर और चचेरे भाई कुलदीप ने बताया कि सुनील 2009 में सेना में भर्ती हुए थे। 15 फरवरी को फोन पर बात हुई थी।सुनील ने बताया था कि उसकी रेजीमेंट जल्द ही भटिंडा जा रही है। वह नई तैनाती पर पहुंचने के बाद बात करेंगे। हादसे की सूचना जिला मुख्यालय पर आने के बाद नायब तहसीलदार शनि कनौजिया राजस्व कर्मियों के साथ शहीद के गांव पहुंचे। परिजनों से हालचाल लेकर ढांढ़स बंधाया। हादसे की खबर सुनते ही गांव वाले सन्न रह गए। धीरे-धीरे घर के बाहर लोगों की भीड़ जुटने लगी।
उत्तरी सेना के कमांडर ने शहीदों को किया नमन
उत्तरी सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल सुचिंद्र कुमार ने शहीदों को नमन किया और उनके सर्वोच्च बलिदान को सलाम किया. उत्तरी कमान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “लेफ्टिनेंट जनरल कुमार और ध्रुव कमान के सभी रैंक के जवान लद्दाख में कर्तव्य पालन के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर योद्धा सूबेदार संतोष कुमार और नायब सूबेदार सुनील कुमार के सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हैं.”
