मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महाकुंभ के आयोजन को लेकर अफवाह फैलाने वाले करोड़ों लोगों की आस्था का अपमान कर रहे हैं। अब तक महाकुंभ में 56 करोड़ से भी ज्यादा लोग स्नान कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि संगम का जल साफ है और डुबकी लगाने योग्य है। विपक्ष के लोग इसमें मानव मल होने का दुष्प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि महाकुंभ का आयोजन किसी सरकार का आयोजन नहीं है। यह सनातन संस्कृति का आयोजन है। महाकुंभ पर अफवाह फैलाने वाले और अनर्गल आरोप लगाने वाले सनातन आस्था का अपमान कर रहे हैं। इस पर राजनीति नहीं करना चाहिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यूपी विधानसभा में महाकुंभ पर संक्षिप्त चर्चा में जवाब दे रहे थे।
क्या सनातन धर्म के किसी आयोजन को भव्यता के साथ करना कोई अपराध है?
आस्था को सम्मान देकर आगे बढ़ाना क्या कोई अपराध है?
अगर अपराध है, तो हमारी सरकार इस अपराध को कर रही है और आगे भी करेगी… pic.twitter.com/CmyLoBZEDe
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) February 19, 2025
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा किसंक्रमित व्यक्ति का उपचार हो सकता है लेकिन संक्रमित सोच का इलाज संभव नहीं. वह अपने आप ही कुढ़ता रहेगा. क्या सनातन धर्म के किसी आयोजन को भव्यता के साथ करना कोई अपराध है? आस्था को सम्मान देकर आगे बढ़ाना क्या कोई अपराध है? अगर अपराध है तो हमारी सरकार इस अपराध को कर रही है और आगे भी करेगी.
सीएम योगी ने महाकुंभ पर फीकल बैक्टीरिया रिपोर्ट को किया खारिज
#WATCH | Lucknow: On the faecal bacteria report, CM Yogi Adityanath says in the UP assembly, "Questions are being raised about the quality of the water (at Triveni)… All the pipes and the drains in and around Sangam have been taped and the water is being released only after… pic.twitter.com/8b4PGaDgSE
— ANI (@ANI) February 19, 2025
कोविड में भी विपक्ष ने उपहास किया था
सीएम योगी ने कहा, समाजवादी पार्टी के सोशल मीडिया हैंडल से जिस प्रकार की भाषा का प्रयोग किया जाता है, किसी भी सभ्य समाज के लिए वो शोभा नहीं देती है. कोविड में भी विपक्ष ने उपहास किया था. ये लोग वैक्सीन को बीजेपी की वैक्सीन कहा करते थे. अब कुंभ का विरोध करना इनकी मजबूरी है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा: सपा के लोग महाकुंभ का पहले दिन से ही विरोध कर रहे हैं। इनकी एक सहयोगी ममता बनर्जी ने महाकुंभ को मृत्युकुंभ कहा है। इसी तरह राजद नेता लालू प्रसाद यादव ने इसे फालतू की बात कहा है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा था कि महाकुंभ की भगदड़ में हजारों लोगों की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि अगर सनातन संस्कृति का पालन करना अपराध है तो हम ये अपराध हजार बार करेंगे। उन्होंने सपा पर हमला करते हुए कहा कि संक्रमित व्यक्ति का उपचार हो सकता है संक्रमित सोच का कोई उपचार नहीं है। महाकुंभ महान आयोजन है। महान कार्य को तीन अवस्थाओं से गुजरना पड़ता है। उपहास से, विरोध से और स्वीकृति से। स्वीकृति का इससे अधिक प्रमाण क्या हो सकता है कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष खुद चुपचाप जाकर महाकुंभ में डुबकी लगा आए।
संगम में प्रदूषण पर केंद्र से अलग राज्य की रिपोर्ट, UPPCB का दावा-पानी नहाने के लिए सही
क्या महाकुंभ में पानी नहाने लायक है? अब इस मसले पर केंद्र और उत्तर प्रदेश के बीच टकराव की स्थिति बन गई है. महाकुंभ के पानी को लेकर केंद्रीय और यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट एक-दूसरे से विपरीत आई है. मामले पर राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (NGT) में आज बुधवार को सुनवाई शुरू हुई जिसमें UPPCB ने CPCB रिपोर्ट का विश्लेषण करने के लिए समय मांगा है.एनजीटी में सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB) ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की रिपोर्ट पर अध्ययन के लिए अधिक समय की मांग की है. यूपी सरकार ने एनजीटी को बताया कि वो CPCB की रिपोर्ट की जांच करेगी. मामले पर अब अगली सुनवाई 28 फरवरी को होगी.
एनजीटी ने यूपीपीसीबी को दिया निर्देश
इससे पहले केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने अपनी रिपोर्ट में दावा करते हुए था कि नदियों का पानी नहाने योग्य नहीं है. हालांकि यूपीपीसीबी ने पलटवार करते हुए कहा कि दोनों नदियों (गंगा और यमुना) का जल प्रदूषण नियंत्रण मानकों के मुताबिक है. एनजीटी ने यूपीपीसीबी को केंद्रीय बोर्ड की रिपोर्ट पर गौर कर नई रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है.प्रयागराज स्थित संगम में प्रदूषित पानी का मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है. यूपीपीसीबी ने CPCB की रिपोर्ट के उलट अपनी रिपोर्ट में कहा कि संगम का पानी नहाने के लिए पूरी तरह उपयुक्त है. उसने आगे कहा कि नालों के माध्यम से कोई भी प्रदूषित सीवेज सीधे गंगा नदी या यमुना नदी में नहीं छोड़ा जा रहा है.
यूपीपीसीबी ने क्या दिया जवाब
पानी को नहाने के लिए उपयुक्त करार देते हुए यूपीपीसीबी ने कहा कि प्रयागराज में गंगा और यमुना नदी पर 6 पॉइंटस पर नदी के पानी नहाने के लिए उपयुक्त है. जबकि शास्त्री ब्रिज के पास बॉयो केमिकल ऑक्सीजन डिमांड और फिकल कॉलीफॉर्म के आंकड़ों में मामूली वृद्धि हुई है.
यूपीपीसीबी ने कहा कि गंगा-यमुना में किसी सीवेज का पानी या अपशिष्ट नहीं जा रहा है. इस संबंध में एनजीटी के निर्देश पर 15 फरवरी को ही सर्वेक्षण किया गया था.
