छिबरामऊ कन्नौज केंद्र सरकार के विधि व्यवसाय के नियमों की भनक लगते ही अधिवक्ताओं में आक्रोश फूड पड़ा मीडिया से बात करते हुए छिबरामऊ के 12 एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंद सिंह राठौड़ ने सरकार की इस नीट का अधिवक्ताओं के साथ धोखा बताया उन्होंने कहा कि सरकार विदेशी अधिवक्ताओं को विधि व्यवसाय हेतु द्वारा खोलना देश के वकीलों का अपमान व भविष्य पर कुठारा घातहै गुरुवार को सभी अधिवक्ता काली पट्टी बांधकर न्यायालय व तहसील परिसर में सांकेतिक प्रदर्शन करेंगे अधिवक्ताओं का कहना है कि मेरी गर्म शब्द धूमल करने वाली सरकार है अधिवक्ताओं की स्वतंत्रता का हनन करने वाला कानून है जिसे हम अधिवक्ताओं के द्वारा पूर्व जो विरोध किया जाएगा अधिवक्ता कोई वेतन भोगी कर्मचारी नहीं होता है बल्कि समाज की समाप्थित समाज से भी समाज का दर्पण और समाज का मार्गदर्शन वृद्धि जीवियों सदस्य होने के कारण नायक भीम की पूर्व सहयोगी होता है जो बिना किसी भेदभाव जात-पात क्षेत्र बाद धर्म बाद संप्रदाय के निरपेक्ष भाव से आम जनता के साथ होने वाले अन्याय अत्याचार के विरोध किया कृतिका डट के विरोध करने वाला समाज का सर्वाधिक विश्वासपात्र होता है इसके साथ सरकार के द्वारा अत्यंत बंधक लगाया जाना या बंधनों में बड़ा जाना उचित नहीं है इसीलिए अधिवक्ता समाज का मार्गदर्शनहोने के कारण नाते अधिवक्ता अधिनियम का पुरजोर विरोध करेंगे हमारी अपील है कि सभी अधिवक्ता एकजुट होकर इस कानून का पुरजोर विरोध करेंगे कल सभी अधिवक्ता काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन करेंगे इस मौके पर राजीव राठौर एडवोकेट अमित राठौर एडवोकेट अमित राजपूत एडवोकेट अशोक चौहान एडवोकेट योगेंद्र सिंह यादव एडवोकेट उमेंद्र सिंह पाल आनंद सक्सेना अजीत कटारिया शिवम शक रोहित सक्सेना पुरुषोत्तम तिवारी इब्ने अली आदि लोग मौजूद रहे
केंद्र सरकार का नियमों में बदलाव अधिवक्ता के साथ धोखा
