देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी, कई राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट

समृद्धि न्यूज। देश के उत्तरी इलाकों में दो सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम में बड़ी हलचल की संभावना है। एक विक्षोभ उत्तरी पाकिस्तान के पास चक्रवातीय परिसंचरण के रूप में सक्रिय है, जबकि दूसरा ट्रफ के रूप में बना हुआ है। इसके कारण 11 और 12 मई को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, बिजली चमकने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
दिल्ली एनसीआर के मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ रहा है, शुक्रवार को एक बार फिर राज्य में तेज हवाएं चलीं और हल्की बारिश हुई, इसके बाद दिल्ली के लोगों को गर्मी से राहत मिली, हालांकि दिल्ली का मौसम पिछले कुछ दिनों से सुहाना बना हुआ है। मई की शुरुआत से ही दिल्ली के मौसम में ठंडक देखने को मिल रही है, जहां तेज हवाओं का दौर लगातार जारी है। अब मौसम विभाग ने आज भी दिल्ली में बारिश होने की संभावना जताई है।् हालांकि इसके बाद अगले 5 दिन मौसम साफ रहेगा, लेकिन इस दौरान आसमान में हल्के बादल छाए रहेंगे,11 मई को जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में गरज, बिजली और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। 13 से 15 मई को हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में बारिश होने की संभावना है।

पूर्वोत्तर में 11 से 15 तक तेज बारिश

पूर्वोत्तर राज्यों अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नगालैंड, मिजोरम, मणिपुर और त्रिपुरा में अगले पांच दिनों में तेज बारिश और आंधी की संभावना जताई गई है। खासतौर पर 11 से 15 मई के बीच असम और मेघालय में 115 मिमी या उससे अधिक बारिश हो सकती है, जिससे बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है। 11 से 14 मई के दौरान मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।् 11 से 14 मई को आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और तमिलनाडु में हल्की बारिश के साथ आंधी चलने और बिजली गिरने का अलर्ट है।

तेज हवाएं चलने की संभावना

अगले 5 दिनों के दौरान पूर्वोत्तर भारत में गरज, बिजली और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। 11 से 14 मई के दौरान अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है। अगले 7 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत में अधिकतम तापमान में 4.6 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी की संभावना है।

 

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