भारत की दो टूक: रुस पर यूरोपीय संघ द्वारा लगाये गये एकतरफा प्रतिबंध नहीं मानता

समृद्धि न्यूज। यूक्रेन पर हमला करने के कारण यूरोपीय संघ (ईयू) ने शुक्रवार को रूस पर 18वीं बार नए प्रतिबंध लगाए। इसके कुछ ही घंटे बाद भारत ने कहा कि वह इस तरह के एकतरफा प्रतिबंधों को नहीं मानता है और उर्जा व्यापार जैसे मुद्दों पर दोहरा मापदंड नहीं होना चाहिए।
रूस पर आर्थिक दबाव बनाने की कोशिश में यूरोपीय संघ ने शुक्रवार को नए प्रतिबंधों की सूची जारी की है। इसमें रूसी कच्चे तेल की कीमत को कम करना और रूसी ऊर्जा दिग्गज रोसनेफ्ट से जुड़ी भारत में मौजूद रिफइनरी, नायरा एनर्जी लिमिटेड पर प्रतिबंध शामिल है। यह पहली बार है जब यूरोपीय संघ ने भारत पर प्रतिबंध लगाए हैं। इस पर विदेश मंत्रालय का बयान सामने आया है।

भारत एकतरफा प्रतिबंध का समर्थन नहीं करता

विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को रूस पर प्रतिबंध लगाने के यूरोपीय संघ के एकतरफा कदम के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया और ऊर्जा व्यापार में उसके दोहरे मापदंड की बात कही। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, हमने यूरोपीय संघ द्वारा घोषित नए प्रतिबंधों पर ध्यान दिया है। भारत किसी भी एकतरफा प्रतिबंध का समर्थन नहीं करता है। हम एक जिम्मेदार राष्ट्र हैं और अपने कानूनी दायित्वों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ने यूरोपीय संघ के इन प्रतिबंधों पर गौर किया है। उन्होंने कहा कि भारत एक जिम्मेदार देश है और अपने सभी कानूनी दायित्वों को पूरा करता है, लेकिन किसी भी तरह के एकतरफा प्रतिबंधों को नहीं मानता। उन्होंने कहा कि भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा बहुत जरूरी है, ताकि देश के नागरिकों की बुनियादी जरूरतें पूरी की जा सकें। उन्होंने यह भी कहा कि खासकर ऊर्जा व्यापार के मामले में दोहरे मापदंड नहीं अपनाए जाने चाहिए।
यूरोपीय संघ के अनुसार, रूस पर लगाए गए इस 18वें दौर के प्रतिबंध पांच मुख्य हिस्सों पर आधारित हैं-रूस की ऊर्जा से होने वाली आमदनी को कम करना, उसके बैंकिंग क्षेत्र को चोट पहुंचाना, उसके सैन्य उद्योग को कमजोर करना, प्रतिबंधों से बचने की कोशिशों को रोकना और यूके्रनी बच्चों व सांस्कृतिक विरासत के खिलाफ किए गए अपराधों के लिए रूस को जिम्मेदार ठहराना। यूरोपीय संघ के बयान के मुताबिक, रूस के शैडो फ्लीट यानी छिपे हुए जहाजों की संख्या अब 444 हो गई है और कुल 2,500 से ज्यादा व्यक्तियों व संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाया गया है। इस बार बेलारूस पर भी नए प्रतिबंध लगाए गए हैं।

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