समृद्धि न्यूज। पुलिस ने कांवड़ यात्रा के दौरान आतंकी साजिश को बेनकाब करते हुए तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। तीनों पाकिस्तान से आए एक वीडियो को वायरल कर सांप्रदायिक तनाव को भडक़ाने को कोशिश कर रहे थे। तीनों ने पुलिस के सामने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। पुलिस के अनुसार वे कुछ ऐसा करना चाहते थे जिससे धर्म के नाम पर मॉब लिंचिंग हो। इसके चलते लोन वुल्फ अटैक भी हो सकता था।
पुलिस ने बताया कि पाकिस्तान के मुजफ्फरगढ़ में पूरे परिवार की हत्या के वीभत्स वीडियो को मुरादाबाद का बताकर व्हॉट्सऐप गु्रपों पर प्रसारित किया गया। साथ में प्रसारित ऑडियो में कहा गया था कि बजरंग दल के लोग मुसलमानों को काट रहे हैं। पुलिस ने इसका राजफाश कर दो सगे भाइयों समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले में राष्ट्र विरोधी संगठन, आतंकी संगठन एवं पाकिस्तानी एजेंसियों की संलिप्तता से भी इनकार नहीं किया जा सकता है। बता दें कि लोन वुल्फ हमला एक ऐसा आतंकवादी हमला है, जो एक व्यक्ति द्वारा बिना किसी बाहरी समर्थन या संगठन के किया जाता है। यह हमलावर खुद ही हमले की योजना बनाता है। तैयारी करता है और उसे अंजाम देता है। इस तरह के हमले को आतंकी हमले के रूप में देखा जाता है।
#WATCH | Uttar Pradesh: Three people, Nadeem, Mansher and Rahees, arrested by Muzaffarnagar Police for circulating a viral video purportedly from Pakistan, on several WhatsApp groups, falsely claiming the killing of Muslims in Mansoorpur and nearby villages by Bajrang Dal… pic.twitter.com/vgRdK8vldu
— ANI (@ANI) July 21, 2025
पुलिस ने तीन लोगों, नदीम, मनशेर और रहीस को कई व्हाट्सएप गु्रपों पर कथित तौर पर पाकिस्तान से आए एक वीडियो वायरल करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। इस वीडियो में मंसूरपुर और आसपास के गांवों में बजरंग दल कार्यकर्ताओं द्वारा मुसलमानों की हत्या का झूठा दावा किया गया था। पुलिस का कहना है कि तीनों आरोपियों ने कबूल किया है कि वे 2025 की कांवड़ यात्रा के दौरान सांप्रदायिक तनाव भडक़ाना चाहते थे। पुलिस का कहना है कि वे पाकिस्तान स्थित आईएसआई संचालकों द्वारा घुसपैठ के पहलू की भी जांच कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि इनका मकसद लोन वुल्फ अटैक को अंजाम देना था। सोमवार दोपहर पुलिस लाइन के सभागार में डीआईजी अभिषेक सिंह और एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने प्रेस वार्ता की। डीआईजी ने बताया कि साइबर सेल से मिले इनपुट के आधार पर ककरौली थाना पुलिस ने सोमवार की सुबह ककरौली में किसान इंटर कॉलेज के पास से नदीम व रहीस पुत्र सगीर निवासी ग्राम ककरौली और मनशेर पुत्र शफीक निवासी ग्राम मंसूरपुर को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन बरामद हुआ है। आरोपियों द्वारा मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद व मेरठ के पांच व्हॉट्सऐप गु्रपों पर एक वीभत्स वीडियो व आडियो प्रसारित किया गया था। वीडियो में मकान में खून से लथपथ लाशें हैं और चीत्कार मची है। ऑडियो में एक व्यक्ति बोल रहा है कि देख लो बजरंग दल के कुछ लोग ग्राम मंसूरपुर थारक नंगला में घरों में घुसकर मुस्लिमों को काट रहे हैं। महिलाए बच्चे समेत पूरे परिवार की हत्या कर दी है। कई गांव में 50 से ज्यादा मुसलमानों की हत्या की गई है, इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर करने की बात कही गई। डीआइजी ने बताया कि छानबीन में पता चला कि यह वीडियो पाकिस्तान के जिला मुजफ्फरगढ़ में अप्रैल 2024 में हुए हत्याकांड का है, जिसमें एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी व सात बच्चों को कुल्हाड़ी से काट दिया था।
आज सावन के दूसरे सोमवार को कांवड़ यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ रही है। इसलिएए वे कुछ ऐसा करना चाहते थे जिससे धर्म के नाम पर मॉब लिंचिंग हो। इसके चलते लोन वुल्फ अटैक भी हो सकता था। चार व्हाट्सएप गु्रप हैं जिनके सैकड़ों सदस्य हैं और उन्होंने यह वीडियो देखा है। हमारी टीमें दूसरे राज्यों में भी छापेमारी कर रही हैं ताकि इस मॉड्यूल/गिरोह से जुड़े सभी लोगों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके और अन्य लिंक्स का पर्दाफाश किया जा सके।
