गाजियाबाद: पकड़ा गया फर्जी दूतावास, लग्जरी गाडिय़ां, विदेशी मुहरें और कैश बरामद

गाजियाबाद: दिल्ली से सटे गाजियाबाद में किराये के एक ही घर में चार-चार फर्जी दूतावास का खुलासा होने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। इस मामले में मुख्य आरोपी हर्षवर्धन जैन को यूपी एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया है। जिन चार देशों के नाम पर ये दूतावास खुले थे, उस नाम के देश दुनिया के नक्शे में पाए ही नहीं जाते। किराए के मकान में चलने वाले इस फर्जी दूतावास से 4७ लाख 70 हजार कैश बरामद हुए है। चार अलग-अलग देशों के दूतावास एक ही घर पर बने थे। आसपास के लोग भी इस घर से बाहर से गुजरते समय शांति से निकलते थे, लेकिन जब यूपी एसटीएफ की नोएडा यूनिट ने छापा मारा तो पूरा राज खुल गया। इस फर्जी दूतावास से दूसरे देशों में जाने के लिए लोगों को वीजा तक मुहैया कराया जा रहा है। दूतावास किसी भी देश के लिए उसकी विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों का अहम हिस्सा होते है। जब दो देश आपसी सहमति से राजनयिक संबंध स्थापित करते हैं, तो वे एक-दूसरे की राजधानी में दूतावास खोल सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना जरूरी होती है। इसके बाद, जिस देश को दूतावास खोलना है, वह मेज़बान देश से अनुमति लेता है। यह अनुमति औपचारिक पत्राचार और समझौतों के जरिए मिलती है। दूतावास खोलने और चलाने के लिए सारा खर्च संबंधित देश की सरकार उठाती है। यह पैसा उस देश के विदेश मंत्रालय या विदेश विभाग के बजट से आता है। दूतावास की इमारत खरीदने, किराए पर लेने, स्टाफ की सैलरी, सुरक्षाए रखरखाव, और अन्य प्रशासनिक खर्चों के लिए फंडिंग उसी देश की सरकार करती है, जिसका दूतावास है। कई बार बड़े देशों के पास ज्यादा बजट होता है, तो वे आलीशान दूतावास बनाते हैं, जबकि छोटे या गरीब देशों के दूतावास अपेक्षाकृत साधारण होते हैं। टीम ने अवैध दूतावास का संचालन करने वाले आरोपी हर्षवर्धन निवासी कविनगर को गिरफ्तार किया है। हर्षवर्धन जैन खुद को वेस्ट आर्कटिका, सबोरगा, पॉल्विया और लॉडोनिया देशों का कौंसिल एंबेसेडर बताता था, जबकि ऐसे नाम कोई देश नहीं हैं। आरोपी से विदेशी राजनयिकों के लिए प्रयोग होने वाली वाहनों की कई नंबर प्लेट भी बरामद हुई हैं।
हर्षवर्धन जैन का पूर्व में चंद्रास्वामी और इंटरनेशनल आम्र्स डीलर अदनान खगोशी से संपर्क उजागर हुआ है। आरोपी के पास से चार डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट लगी लग्जरी गाडिय़ां, माइक्रोनेशन देशों के 12 डिप्लोमेटिक पासपोर्ट, विदेश मंत्रालय की मोहर लगे दस्तावेज, दो फर्जी पैन कार्ड, 47.70 लाख रुपये आदि बरामद किए गए हैं। देश के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के साथ फोटो दिखाकर लोगों को विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करता था। एसटीएफ ने आरोपी को कविनगर थाना पुलिस को सौंप दिया है।

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