समृद्धि न्यूज। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो 30 जुलाई यानी आज निसार (नासा-इसरो सिंथेटिक अपर्चर रडार) मिशन का प्रक्षेपण करेगा।
नासा-इसरो के महत्वाकांक्षी निसार मिशन के लिए उलटी गिनती शुरू हो चुकी है, इसरो का जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकलश् (जीएसएलवी) आज शाम 5:40 बजे नासा-इसरो सिंथेटिक एपरचर रडार (निसार) सैटेलाइट को सूर्य-समकालिक धु्रवीय कक्षा में भेजेगा। इस मिशन की योजना अमेरिका और भारत की अंतरिक्ष एजेंसियों ने करीब 10 साल पहले मिलकर बनाई थी। इस साल फरवरी में वाशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पीएम मोदी की मुलाकात के बाद इस मिशन को और तेजी से आगे बढ़ाने का फैसला लिया गया। इसरो के अध्यक्ष और अंतरिक्ष विभाग के सचिव डॉ0 वी0 नारायणन के अनुसार उपग्रह को एक भारतीय रॉकेट द्वारा पृथ्वी की कक्षा में स्थापित किया जाएगा। आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र बुधवार शाम 5:40 बजे निसार को जीएसएलवी-एस16 रॉकेट के जरिये लॉन्च किया जाएगा। यह पहला ऐसा मिशन है जिसमें पहली बार किसी जीएसएलवी रॉकेट के जरिये ऐसे उपग्रह को सन-सिंक्रोनस ऑर्बिट (सूर्य-स्थिर कक्ष) में स्थापित किया जाएगा।
सन-सिंक्रोनस ऑर्बिट वह कक्षा होती है, जिसमें उपग्रह पृथ्वी के धु्रवों के ऊपर से गुजरता है और हर बार जब वह एक विशेष स्थान से गुजरता है तो सूरज की रोशनी की स्थिति एक जैसी रहती है। कावुलुरू ने मिशन के बारे में बताया कि नासा ने निसार के लिए एल-बैंड उपलब्ध कराया है जबकि इसरो सिंथेटिक अपर्चर रडार के लिए एस-बैंड उपलब्ध कराया है। इससे बड़ी मात्रा में डाटा एकत्र करना संभव हो पाएगा। यह उपग्रह अंटार्कटिका, उत्तरी धु्रव और महासागरों सहित पृथ्वी से संबंधित व्यापक डाटा प्रसारित करेगा।
निसार मिशन की लॉन्चिंग आज
