पास्को एक्ट के आरोपी सिपाही की जमानत खारिज

फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। पास्को एक्ट व एससी/एसटी एक्ट के मामले में जेल में निरुद्ध आरोपी बर्खाश्त सिपाही विनय चौहान ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से विशेष न्यायाधीश पास्को एक्ट के न्यायालय में जमानत याचिका दाखिल की। जिसकी सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश पास्को अधिनियम डा0 अनिल कुमार सिंह द्वितीय ने जमानत याचिका खारिज कर दी है।
अभियुक्त के अधिवक्ता सौरभ मिश्रा ने न्यायालय में प्रस्तुत किये जमानती प्रार्थना पत्र में दर्शाया कि आवेदक/अभियुक्त निर्दोष है और उसे झूठा फंसाया गया है। अभियुक्त पुलिस विभाग में कांस्टेबल था। एफआईआर झूठी कहानी पर आधारित है और 17 घंटे की देरी से दर्ज की गई है, लेकिन देरी के लिए कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है। यह भी प्रस्तुत किया गया है कि शिकायतकर्ता ने एफआईआर में पीडि़ता की जन्मतिथि नहीं लिखवाई थी। घटना का कोई चश्मदीद गवाह भी पेश नहीं किया गया है। मेडिको-लीगल जांच के अनुसार, पीडि़ता के शरीर के बाहरी हिस्से पर कोई चोट नहीं दिखाई गई है। पीडि़ता ने अपनी आंतरिक मेडिको-लीगल जांच से इनकार किया है। धारा 181 बीएनएसएस और 183 बीएनएसएस के तहत पीडि़ता के बयानों में काफी विरोधाभास है। शिकायतकर्ता और उसके बेटे ने हलफनामे दिए हैं। यह आवेदक/अभियुक्त की पहली ज़मानत याचिका है और हलफनामे में दिए गए अनुसार किसी अन्य न्यायालय या उच्च न्यायालय में कोई अन्य ज़मानत याचिका लंबित नहीं है।
वहीं अधिवक्ता विकास कुमार कटियार ने आवेदक/अभियुक्त की जमानत अर्जी का विरोध किया तथा जमानत अर्जी को अस्वीकार करने का अनुरोध किया। अभियोजन पक्ष की ओर से कहा गया कि कि 02 जुलाई को प्रात: लगभग 7:30 बजे वादी की पुत्री उम्र लगभग 15 वर्ष पढऩे के लिए विद्यालय गई थी। रास्ते में एक स्कूल के पास विनय चौहान ने वादी की पुत्री को अपनी कार संख्या यूपी76एके/5081 में खींच लिया तथा उसके साथ गलत कार्य किया। वादी की पुत्री के विरोध करने तथा शोर मचाने पर कार चालक ने देशी तमंचा दिखाकर उसे भयभीत कर दिया। सूचना पाकर वादी व उसका पुत्र अन्य लोगों के साथ अपनी पुत्री की तलाश में निकले तो वह व्यक्ति उनकी पुत्री को कार से उतार रहा था, लेकिन वादी ने उसे देख लिया। वादी को देखकर कार चालक ने भागने का प्रयास किया, लेकिन किसी तरह उसे रोककर विनय चौहान को पकड़ लिया गया। विनय चौहान को उसकी कार सहित पुलिस के हवाले कर दिया गया था। मामले की सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश पास्को अधिनियम डा0 अनिल कुमार सिंह द्वितीय ने अभियुक्त की ओर से दायर की गई जमानत याचिका खारिज कर दी है।

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