खुलासा: तंत्र-मंत्र के चक्कर में रिश्तेदारों ने दी थी मासूम आरुष की बलि, सभी गिरफ्तार

समृद्धि न्यूज। जनपद देवरिया के थाना भलुअनी में चार माह पूर्व लापता हुए नौ साल के मासूम बच्चे की नरबलि देने के मामले में पुलिस ने खुलासा किया। पुलिस ने बताया कि बच्चे की बलि उसके करीबी रिश्तेदारों ने दी थी। इसके बाद लाश को सरयू में फेंक दिया था। पुलिस ने मासूम के दो फूफा व मौसेरे भाई समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों में एक आरोपी इंद्रजीत पुलिस विभाग में कांस्टेबल के पद पर तैनात बताया गया है।
जानकारी के मुताबिक, थाना भलुअनी क्षेत्र के ग्राम पठखौली में रहने वाले सोमनाथ गौड़ ने 17 अप्रैल को अपने 9 वर्षीय भतीजे आरुष के लापता होने की तहरीर दी थी। जिसमें कहा था कि आरुष 16 अप्रैल को ही लापता हो गया था। बच्चे की मां सरिता ने सूचना विदेश में रह रहे पति योगेश को दी थी। सूचना मिलते ही योगेश २१ अपै्रल को नाइजीरिया से वापस आ गया था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज जांच पड़ताल शुरु कर दी। पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद घटना का खुलासा कर दिया। पुलिस ने जयप्रकाश गौड़ व गोंडा में तैनात सिपाही इन्द्रजीत गौड़ जो मृतक का फूफा, भीम गौड़ और रमाशंकर उर्फ शंकर गौड़ मृतक बच्चे का फूफा, जयप्रकाश गौड़ को गिरफ्तार कर लिया।

तंत्र मंत्र पूजा करने के बाद दी थी नरबलि

वहीं पुलिस ने पूछताछ के दौरान बताया कि आरोपियों ने आरुष को अगवा कर 19 अप्रैल को भीम गौड़ और मामा के लडक़े जयप्रकाश ने ग्राम पिपरा चंद्रभान में तंत्र मंत्र की पूजा की, उसके बाद नरबलि देते हुए मासूम आरुष का गला रेत दिया। इसके बाद बाद शव को दूसरे दिन ही जमीन से निकाल कर एक पिकअप वाहन में लाद कर बरहज के सरयू नदी में ले जाकर फेंक दिया।

मानसिक स्थिति ठीक करने के लिए दी थी नरबलि

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि सिपाही इंद्रजीत की मानसिक स्थित ठीक नहीं रहती थी। इस बारे में उसने जब अपने मामा जय प्रकाश से इसके बारे में पूछा तो उसने तंत्र मंत्र का चक्कर बताकर नरबलि की सलाह दी। इसी के बाद आरुष उनके निशाने पर आ गया और हम सभी ने आरुष का अपहरण कर उसकी बलि दे दी थी।

बेटे के हत्यारों को मिले फांसी

बेटे की हत्या कर शव ठिकाने लगाने की जानकारी होने पर मां सविता देवी ने अधिकारियों से हत्यारोपियों को फांसी की सजा दिलाने की मांग की है। लोगों के अनुसार, हत्यारोपी फूफा ने वारदात को अंजाम देने के बाद आरुष के घर रात बिताई थी। वह कुछ दिनों तक ससुराल में ही रहते हुए परिजनों के क्रिया.कलाप पर नजर बनाए हुए था। यह भी बताया जा रहा है कि फोन पर उसने सविता से कहा था कि यदि मुझसे किसी प्रकार की गलती हो जाए तो क्या आप उसे स्वीकार करते हुए माफ कर देंगी, लेकिन आरुष की मां को तब भी यह भनक नहीं लग सकी कि बेटे का अपहरण करने वाले दूसरे नहीं, बल्कि अपने ही हैं।

देवी का साया बताकर कराना शुरू किया था झाड़- फूंक

एसपी के मुताबिक जयप्रकाश ने पुलिस को बताया कि सुरौली थानाक्षेत्र के पैकौली निवासी इंद्रजीत गोंड की शादी दिसंबर 2024 में आरुष की बुआ से हुई थी। शादी के बाद ससुराल पक्ष ने उस पर देवी का साया बताकर झाड़-फूंक कराना शुरू किया।

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