नगर की कई कालोनी तथा गांव के खेत खलिहान से लेकर ताल तलैया तक हुए जलमग्न
पुवायां,शाहजहांपुर(समृद्धि न्यूज)। दो दिन से हो रही बारिश से नगर की कालोनी की गलियों से लेकर गांव की सड़कों तक पानी ही पानी भर गया। साथ ही बरसात का पानी लोगो के घरों तक पहुंच गया है जिससे नगरवासियों व ग्रामीणों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
दो दिन से हो रही बारिश से नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में पानी ही पानी देखने को मिल रहा है। नगर की कई कालोनी पानी से लबालब भर गई है तो ग्रामीण क्षेत्रों के खेत खलिहान से लेकर ताल तालाब पानी से लबालब भर गए हैं। नगरपालिका परिषद की काशीराम कालोनी की गलियां पूरी तरह से पानी ने अपना कब्जा जमा लिया है। जिससे कामकाजी लोगों को अपने अपने काम पर जाने के लिए खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। तो वहीं बच्चे गलियों में भरे पानी का लुफ्त उठाते नजर आए। वही क्षेत्र के गांव धारा का प्राचीन शिव मंदिर पूरी तरह जलमग्न हो गया। दरअसल नेशनल हाईवे का वाई पास भूड़ा मैनरी से शुरू होकर गांव धारा के समीप आकर समाप्त हुआ है और वाई पास पुल के दोनों ओर साइड रोड व नाला का निर्माण किया गया है यह नाला प्राचीन शिव मंदिर के सामने से निकाला गया है। जिसकारण शिव मंदिर के पानी का निकास पूरी तरह बंद हो गया। लगातार हो रही बारिश से मंदिर प्रांगण पूरी तरह जलमग्न हो गया। साथ ही पानी निकास की व्यवस्था न होने के कारण बरसात का पानी मंदिर से सटे मकानों में भी घुस गया। जिससे गांव के कई परिवारों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
ग्रामीणों ने बनाया मंदिर के पानी का निकास
लगातार हो रही बारिश से गांव धारा स्थित प्राचीन शिव मंदिर पूरी तरह से जलमग्न हो गया और पानी पास ही मकानों में जा घुसा। मंदिर के पानी का कोई निकास न होने के कारण मंदिर प्रांगण से पानी तेजी से घरों में जा रहा था। जिसके चलते कुछ ग्रामीणों ने एनएचआई अधिकारियों से बात कर जेसीबी मशीन उपलब्ध कराए जाने की बात की तो एन एच आई अधिकारी मंदिर और ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए जेसीबी मशीन मौके पर भेजी और मंदिर प्रांगण से सड़क किनारे बने नाले तक अस्थाई नाला खुदवा दिया। जिसके बाद ग्रामीणों ने बारिश की परवाह न करते हुए फावड़ा चलाकर जेसीबी द्वारा खोदे गए नाले को साफ किया और मंदिर प्रांगण में भरे पानी को एन एच आई द्वारा बनाए गए नाले में गिरा दिया। जिससे मंदिर प्रांगण में भरा पानी तो कम हुआ साथ ही ग्रामीणों के घरों में भरा पानी भी धीरे धीरे निकल गया। जिसके बाद ग्रामीणों ने चैन की सांस ली।
