कम्पिल के करीब 60 गांव बाढ़ की चपेट में

पशुओं को खिलाने में ग्रामीणों के छूट रहे पसीने
कम्पिल, समृद्धि न्यूज। विगत कई दिनों से बांधों से लगातर 3 लाख से अधिक क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। जिससे क्षेत्र मे बाढ़ से भयंकर तबाही का मंजर दिख रहा है। क्षेत्र के गांव राईपुर, दूंदेमई, नुनेरा, इकलहरा, पुंथर दयामाफी, धर्मपुर, नसरूलापुर, सिंघनपुर, शेखपुर,, बिहारीपुर, शाहपुर, गंगपुर, मधवापुर, बादामनगला, हमीरपुरपुर मजरा जात, पथरामई, पलीतपुरा, मिसतनी, बहबलपुर, अहिवरन नगला, धीमर नगला, रैपुरा, शाहीपुर, रौकरी, भटमई, कमरुद्दीनपुर, बिल्हा, जमुनिया नगला, अर्जुन नगला, अकबरपुर सहित लगभग साठ गाँवों में ंबाढ़ का पानी घुस गया है। ग्रामीण क्षेत्र में खाने पीने की चीजों का संकट खड़ा हो गया है। सुखी लकड़ी ईधन के लिए नहीं मिल पा रही है। सबसे बड़ी चुनौती मवेशी हैं। जिनके लिए चारे का इंतजाम करने मे ग्रामीणों के पसीने छूट रहे है। कंपिल-बदायू मार्ग पर तेज रफ्तार से पानी बह रहा है। पुलिया भी क्षतिग्रस्त हो गयी है। पुलिया कट भी रही है, लेकिन ग्रामीण हादसे के डर के बिना आवाजाही कर रहे हैं। लोग गांव छोडक़र पलायन करने लगे हैं। बाढ़ के तेज बहाव से गांव राईपुर चिंघटपुर के पास बनी पुलिया टूट जाने से कंपिल -बदायू मार्ग पर आवागमन बंद हो गया है। कस्बे के रामेश्वर नाथ मंदिर के पास बेरीकैडिंग लगा दी गयी है। मौके पर पुलिस भी तैनात है। गंगा के बढ़ते जलस्तर से कस्बे के महाकालेश्वर नाथ मंदिर के अंदर पानी घुस गया है। प्राचीन रामेश्वर नाथ मंदिर के बाहर भी सडक़ पर बाढ़ का पानी बह रहा है। मोहल्ला पट्टी मदारी, गंगा टोला के घरों में भी बाढ़ का पानी घुस गया है। जिससे कस्बे के लोग परेशान है। 2010 के बाद बाढ़ का पानी कस्बे में आया है। इससे पहले 2007 मे भी बाढ़ ने कस्बे में दस्तक दी थी।

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