कम्पिल, समृद्धि न्यूज। एडीएम अरुण कुमार सिंह ने एसडीएम व तहसीलदार तथा आपदा प्रबंधन आशमेन्द्र सिंह के साथ क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने पीडि़तों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। गंगा नदी में छोड़े जा रहे लगातार पानी से गांवों के हालात बिगडऩे लगे हैं। लोगों को घर छोडऩे की चिंता सताने लगी है। कुछ ग्रामीण तो पलायन कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंच गए हैं। नगर के कई मार्गों पर तेज धार के साथ पानी बहने लगा है। जिससे आवागमन बाधित हो गया है।
क्षेत्र के गांव राईपुर, दूंदेमई, नुनेरा, इकलहरा, पुंथर दयामाफी, धर्मपुर, नसरूलापुर, सिंघनपुर, शेखपुर,, बिहारीपुर, शाहपुर, गंगपुर, मधवापुर, बादामनगला, हमीरपुरपुर मजरा जात, पथरामई, पलीतपुरा, मिसतनी, बहबलपुर, अहिवरन नगला, धीमर नगला, रैपुरा, शाहीपुर, रौकरी, भटमई, कमरुद्दीनपुर, बिल्हा, जमुनिया नगला, अर्जुन नगला, अकबरपुर, भैंसरी सहित लगभग पचास गाँवों में ंबाढ़ का पानी घुस गया है। ग्रामीण क्षेत्र में खाने पीने की चीजों का संकट खड़ा हो गया है। बेबसी ऐसी की सूखी लकड़ी ईधन के लिए नहीं मिल पा रही है। भरे पानी में खुजली, एलर्जी से भी ग्रामीण परेशान हैं। सबसे बड़ी चुनौती मवेशी है। जिनके लिए चारे का इंतजाम करने मे ग्रामीणों के पसीने छूट रहे है। रामेश्वर नाथ मंदिर के पास बेरीकैडिंग लगा दी गयी है। मौके पर पुलिस भी तैनात है।
कागजों में चल रहा राहत शिविर
प्रशासन कंपिल के केएसआर इंटर कॉलेज में बाढ़ राहत शिविर खुलने का दावा कर रहा है, लेकिन मंगलवार दोपहर कॉलेज के मैन गेट पर ताला लगा था। कही कोई बोर्ड भी नहीं लगा था। इंतजाम तो सिर्फ कागजों में ही चलता मिला। बाढ़ क्षेत्र मे परेशानियों के चलते ग्रामीण पलायन को मजबूर है। बड़ी तादाद मे ग्रामीण पलायन कर रहे है। कस्बे में शरणालय न होने के चलते बाढ़ पीडि़त नजदीकी रिश्तेदार के यहां जाने को मजबूर है। बाढ़ प्रभावित गाँवों में इन दिनों शौचालय के लिए ग्रामीणों तो बेहद परेशानी हो रही है। घर मे बने शौचालय में बाढ़ का पानी भर गया है। बाढ़ प्रभावित गांव निवासी रिंकू ने बताया इन दिनों ग्रामीणों को बेहद परेशानी उठानी पड़ रही है। बाढ़ की आपदा झेल रहे गांव मिसतनी निवासी अनुज ने बताया की प्रशासन ने छोटी नाव भेज दी है। गांव बहबलपुर के पास कट रही सडक़ पर निकलने में ंपरेशानी हो रही है। तहसीलदार विक्रम सिंह चाहर ने बताया प्रशासन ने क्षेत्र में 17 नाव लगा दी हैं। बाढ़ पीडि़तों को भोजन पैकेट दिये जा रहे हैं। बाढ़ शरणालय चल रहे हैं। दावा किया की आज गांव धीमर नगला में 400 लोगों को राशन वितरित किया गया।
