मध्य प्रदेश: बाबा महाकाल का दरबार करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। यहां मंदिर को लेकर सैकड़ों मान्यताएं हैं, जो समय-समय पर देखने को मिलती हैं। अभी लगातार महाकाल मंदिर से जुड़ी ऐसी घटना सामने आ रही हैं, जिससे देश-दुनिया में तरह-तरह की बातें हो रही हैं। 18 अगस्त को उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में एक अनोखी और चौंकाने वाली घटना हुई। रात की आरती से ठीक पहले, भगवान शिव का भांग से बना मुखौटा टूटकर गिर गया। यह घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। रोजाना की तरह रात 8 बजे शिवलिंग का श्रृंगार किया जा रहा था। पुजारियों ने भगवान का मुखौटा बनाने के लिए बड़ी मात्रा में भांग का इस्तेमाल किया। जैसे ही श्रृंगार पूरा हुआ और आरती की तैयारी शुरू हुई, भांग का मुखौटा टूट गया। मुखौटे से नाक, होंठ और एक आंख टूटकर नीचे गिर गई। मंदिर के गर्भगृह में मौजूद पुजारियों ने तुरंत दूसरा मुखौटा बनाया और आरती पूरी की। यह पूरी घटना मंदिर में लगे सीसीटीवी में कैद हुई।
कुछ दिन पहले तेज हवा के कारण महाकालेश्वर मंदिर के शिखर पर लगा सोने का ध्वज अचानक गिर गया था, उसे लेकर भी महाकाल के श्रद्धालुओं में तरह-तरह की बातें सामने आ रही थीं। इतना ही नहीं उसके कुछ ही दिनों बाद महाकाल महालोक में एक बार फिर तेज आंधी से क्षति हुई है। जिसमें महालोक की सबसे बड़ी प्रतिमा त्रिपुरासुर संहार के रथ का छत्र तेज हवा में गिर गया और अब तीसरी बार भगवान महाकाल ने आरती में होने वाला श्रृंगार आरती के पहले ही छोड़ दिया। इसको लेकर ज्योतिष से जानते हैं कि क्या महाकाल आपदा आने की तरफ इशारा कर रहे हैं।
उज्जैन के ज्योतिषाचार्य अमर त्रिवेदी का कहना है कि यह एक अप्राकृतिक घटना का संकेत ह। इस घटना के पीछे दो अलग अलग मत हैं। देवता जिस भी सामग्री को पसंद करते हैं उसे वह स्वीकार करते हैं और यदि किसी सामग्री में त्रुटि या श्रद्धा ना हो या अच्छी मानसिकता से ना बनाई गई हो, या उसमें धर्म का प्रभाव ना हो तो वे सामग्री को त्याग देते हैं, वहीं, विज्ञान की बात करें तो पत्थरों की अपनी आद्रता होती है। पत्थरों में आंतरिक आद्रता और आंतरिक उष्णता रहती है। जब बाहरी आद्रता व उष्णता वाली भांग पत्थर पर लगाई जाती है तो कभी कभी उसके गिरने की संभावना बनती है। वहीं, इस घटना को लेकर महाकाल मंदिर के पंड़े पुजारी और मंदिर समिति के जिम्मेदार कुछ भी कहने से बचते नजर आए।
महाकाल के शिवलिंग से गिरा भांग का मुखौटा, क्या ये कोई चेतावनी है?
