समृद्धि न्यूज। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान की आर्थिक हालत की तुलना मलबे से भरे डंपर से की। उन्होंने कहा कि दोनों देश एक ही दिन आजाद हुए थे। भारत ने मेहनत और दूरदर्शिता से फरारी जैसी मजबूत अर्थव्यवस्था बनाई है। उन्होंने विदेशी निवेशकों से भारत के रक्षा क्षेत्र में निवेश की भी अपील की और भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला की महत्वपूर्ण कड़ी बताया। ऑपरेशन सिंदूर में भारत के हाथों बुरी तरह से मार खाने के बाद भी पाकिस्तान के बड़बोलापन कम नहीं हुआ है। हाल ही में पाकिस्तानी सेना के प्रमुख असीम मुनीर ने पाकिस्तान को एक डंपर ट्रक और भारत को चमचमाती हुई मर्सिडीज बताते हुए उल्टे सीधे बयान दिए थे।
राजनाथ सिंह ने कहा हाल ही में, पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल असीम मुनीर अपने बयान पर पाकिस्तान के अंदर भी और पूरी दुनिया में, खूब ट्रोल हुए। सबने यही कहा, कि अगर दो देश एक साथ आज़ाद हुए और एक देश ने कड़ी मेहनत, सही नीतियों और दूरदृष्टि से फरारी जैसी अर्थव्यवस्था बनाई, और दूसरा अभी भी डंपर की स्थिति में है, तो यह उनकी अपनी नाकामी है। मैं असीम मुनीर के इस बयान को एक कंफेशन के रूप में भी देखता हूं।
उन्होंने कहा, मैं असीम मुनीर के इस बयान को केवल ट्रोल करने लायक मजाक नहीं समझता, बल्कि इसे एक स्वीकारोक्ति मानता हूं। अगर हम इस बयान के पीछे छिपे गंभीर संकेत को नजरअंदाज करते हैं, तो यह हमारे लिए चिंता का विषय बन सकता है। अगर हम इस चेतावनी को गंभीरता से लें और पहले से तैयारी करें, तो भारत ऐसे किसी भी खतरे का मुंहतोड़ जवाब देने में पूरी तरह सक्षम है। उन्होंने कहा, आज जब दुनिया के कई देश वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) की बाधाओं से बुरी तरह प्रभावित हैं, तब भारत इन सप्लाई चेन को मजबूत करने में मदद कर सकता है। आज दुनिया के बड़े देश चाइना प्लस की बात कर रहे हैं। मैं आपसे पूछता हूं, भारत के अलावा ऐसा कौन सा देश है जो यह काम कर सकता है। मुझे पूरा भरोसा है कि जब आप इसका जवाब ढूंढेंगे तो कहेंगे यह काम केवल भारत ही कर सकता है।
राजनाथ सिंह ने कहा जब हम अपने बच्चों को यानि अपनी आगे आने वाली पीढ़ी को विज्ञान, गणित, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम फिजिक्स और अंतरिक्ष अनुसंधान में आगे बढ़ाते हैं, उनको इन विषयों की शिक्षा देते हैं, तो साथ ही यह भी आवश्यक है, कि हर नागरिक, हर विद्यार्थी के भीतर राष्ट्र की रक्षा का संकल्प जीवित रहे। हमारे युवा केवल वैज्ञानिक ही न बनें, बल्कि योद्धा वाली मानसिकता भी रखें, जो उनके निजी जीवन में आगे बढऩे में तो सहायक होगा ही, साथ ही साथ समाज और देश की सुरक्षा के लिए भी आवश्यक होगा। उन्होंने कहा कि मैं सभी विदेशी कंपनियों और निवेशकों से अपील करता हूं कि वे भारत के जीवंत रक्षा उत्पादन क्षेत्र में आएं और निवेश करें। हम आपको हर जरूरी मंजूरी देंगे और पूरा सहयोग भी देंगे। हमारा मेक इन इंडिया केवल भारत तक सीमित नहीं है। जब आप भारत में बनाएंगे, तो आप पूरी दुनिया के लिए बनाएंगे।
भारत ने मेहनत से फरारी कार जैसी इकोनॉमी बनाई, पाकिस्तान की हालात अब भी डंपर जैसी: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
