सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में नए विकास की राह, कुलपति ने साझा की 100 दिन की कार्ययोजना

सैफई समृद्धि न्यूज। उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (सैफई) के कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) अजय सिंह ने सोमवार को प्रशासनिक भवन स्थित ईसी हॉल में आयोजित प्रेस वार्ता में विश्वविद्यालय की भावी योजनाओं और बीते 15 दिनों में हुई उपलब्धियों की जानकारी दी। इस दौरान बड़ी संख्या में प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
कुलपति ने बताया कि हाल ही में प्रदेश के मुख्यमंत्री से भेंट के दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय की आगामी 100 दिनों की कार्ययोजना प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री ने इस पर सकारात्मक सुझाव दिए, जिन्हें निर्धारित समयसीमा में पूरा करने की प्रतिबद्धता विश्वविद्यालय ने जताई है।
कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय को उच्च स्तरीय अनुसंधान और स्वास्थ्य सेवाओं का मॉडल बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं। इसके तहत 5 एकड़ भूमि पर डेंटल कॉलेज विस्तार और मल्टी-लेवल वाहन पार्किंग का निर्माण प्रस्तावित है। साथ ही, जल्द ही एक उन्नत IVF सेंटर की स्थापना होगी। अगले छह माह में 500 बेड सुपर स्पेशलिटी आईपीडी शुरू करने और 300 बेड स्त्रीरोग अस्पताल को चालू कराने की योजना पर भी तेजी से काम चल रहा है।
उन्होंने बताया कि अस्पताल में दवा वितरण प्रणाली को विकेंद्रीकृत किया जाएगा। शीघ्र ही अमृत फार्मेसी और जन औषधि केंद्र की शुरुआत होगी। मरीजों, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा के लिए आयुष्मान कार्ड काउंटर भी स्थापित किया जाएगा। परिसर में सोलर लाइट लगाने, ड्रेनेज सिस्टम सुधारने और पर्याप्त संख्या में CCTV कैमरे लगाने की दिशा में कार्य शुरू कर दिया गया है।
कुलपति ने अपनी महत्त्वाकांक्षी योजना ‘रोगी कल्याण समिति’ का भी एलान किया। इसके तहत विश्वविद्यालय की आय को रोगी कल्याण कोष में समर्पित कर आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों का नि:शुल्क उपचार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि शासन को एपेक्स ट्रामा सेंटर की स्थापना हेतु प्रस्ताव भेजा गया है। यह सेंटर दिल्ली और लखनऊ की तर्ज पर अत्याधुनिक आपातकालीन सेवाएं देगा, जिससे ग्रामीण अंचल के मरीजों को बड़ा लाभ मिलेगा।

15 दिनों की प्रमुख उपलब्धियां

  • जैरीएट्रिक ओपीडी की शुरुआत (13 अगस्त) – वरिष्ठ नागरिकों को उम्र-संवेदनशील चिकित्सा सुविधा।
  • सुपर स्पेशलिटी पीडियाट्रिक ऑर्थोपेडिक ओपीडी (18 अगस्त) – बच्चों व किशोरों के अस्थि रोगों के लिए विशेष सेवा।
  • स्पोर्ट्स क्लिनिक ओपीडी (22 अगस्त) – खिलाड़ियों और फिटनेस प्रेमियों के लिए विशेष चिकित्सा व पुनर्वास केंद्र।
  • एंटी-रैगिंग जागरूकता अभियान – छात्रों की सुरक्षा और अनुशासन पर जोर, शून्य सहनशीलता नीति पर अमल।
  • स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी – कुलपति द्वारा लगातार वार्ड, ओपीडी और डायग्नोस्टिक सेंटर का निरीक्षण।

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