समृद्धि न्यूज। उदयगिरि को मुंबई के मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स ने बनाया गया है, जबकि हिमगिरि को कोलकाता के गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स ने तैयार किया है। खास बात यह है कि उदयगिरि नौसेना के वॉरशिप डिजाइन ब्यूरो का 100वां डिजाइन किया गया जहाज है।
भारतीय नौसेना आज विशाखापत्तनम स्थित नौसेना अड्डे पर उन्नत स्टील्थ युद्धपोत उदयगिरि और हिमगिरि का जलावतरण करेगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस समारोह की अध्यक्षता करेंगे। यह पहला अवसर होगा जब दो अलग अलग पोत कारखानों में निर्मित दो अग्रणी सतही युद्धपोतों का एक साथ जलावतरण किया जाएगा। जो भारत के पूर्वी समुद्री तट के बढ़ते समुद्री महत्व को परिभाषित करता है। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि इन दोनों जहाजों के डिज़ाइन, हथियार और सेंसर प्रणालियों में महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं, जो समुद्री मिशनों की पूरी श्रृंखला को कुशलता पूर्वक पूरा करने में सक्षम हैं।
मुंबई के मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड द्वारा निर्मित उदयगिरि और कोलकाता के गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स द्वारा निर्मित हिमगिरि, देश की बढ़ती जहाज निर्माण क्षमता के साथ साथ भारत के प्रमुख रक्षा पोत कारखानों के बीच तालमेल को भी प्रदर्शित करते हैं। मंत्रालय ने कहा कि उदयगिरि और हिमगिरि के जलावतरण से नौसेना की युद्धक क्षमता बढ़ेगी और युद्धपोत डिजाइन एवं निर्माण में आत्मनिर्भरता हासिल करने का भारत का संकल्प सिद्धि तक पहुंचेगा।
दें कि उदयगिरि को मुंबई के मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स ने बनाया गया है, जबकि हिमगिरि को कोलकाता के गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स ने तैयार किया है। खास बात यह है कि उदयगिरि नौसेना के वॉरशिप डिजाइन ब्यूरो का 100वां डिजाइन किया गया जहाज है। करीब 6700 टन वजनी ये जहाज शिवालिक क्लास से बड़े और ज्यादा उन्नत हैं। नौसेना के मुताबिक यह युद्धपोत भारत की मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत की ताकत दिखाने का मौका है, इन जहाजों के शामिल होने से हिंद महासागर में भारत की पकड़ और मजबूत होगी। इन दोनों युद्धपोत के आने से भारत न सिर्फ अरब सागर और बंगाल की खाड़ी की निगरानी कर सकेगा, बल्कि मलक्का जलडमरूमध्य तक चीनी जहाजों की हर हलचल पर नजर रख पाएगा।
नौसेना में उन्नत स्टील्थ युद्धपोत उदयगिरि और हिमगिरि आज होंगे शामिल
