सरकार ने इन जरूरी चीजों पर GST किया 0%, जानें क्या हुए सस्ते!

समृद्धि न्यूज। जीएसटी में बदलाव के फैसले के बाद शेयर बाजार में गुरुवार को तेजी दिख सकती है। वहीं जीएसटी 2.0 के तहत सरकारी खजाने को सालाना औसतन 85,000 करोड़ रुपये का नुकसान होगा। जीएसटी परिषद की 56वीं बैठक में कई जरूरी वस्तुओं पर टैक्स दर 0 प्रतिशते करने का फैसला लिया गया है। अब दूध, पनीर, रोटी, हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी सहित स्टेशनरी आइटम्स पर कोई जीएसटी नहीं लगेगा। टैक्स स्लैब को भी दो में सीमित कर दिया गया है, जिससे उपभोक्ताओं और कारोबारियों दोनों को राहत मिलेगी।
जीएसटी काउंसिल ने अप्रत्यक्ष करों की दरों में ऐतिहासिक सुधार करते हुए चार की जगह अब सिर्फ दो जीएसटी स्लैब को मंजूरी दे दी। काउंसिल में सभी राज्यों के वित्त मंत्रियों ने आम सहमति से जीएसटी की सिर्फ दो दरों, 5 और 18 फीसदी को मंजूरी दी। जीएसटी के इस बड़े फैसले से शेयर बाजार में गुरुवार को तेजी दिख सकती है। देश में टैक्स सिस्टम को आसान बनाने और लोगों को सीधे फायदा पहुंचाने के लिए मोदी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। जीएसटी परिषद की 56वीं बैठक में कई जरूरी रोजमर्रा की चीज़ों और सेवाओं पर लगने वाला जीएसटी हटाने का फैसला किया गया है, जिससे आम जनता की जेब पर सकारात्मक असर पड़ेगा। इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने की। बैठक में टैक्स दरों में बदलाव के साथ-साथ टैक्स स्लैब को दोबारा से सरल बनाने पर भी तेजी से काम हो रहा है। वित्त मंत्री ने बैठक के बाद जानकारी दी कि अब अल्ट्रा-हाई टेम्परेचर मिल्क, छेना और पनीर पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। पहले इन पर 5 प्रतिशत जीएसटी लगाया जाता था। इसके अलावा भारतीय रोटियों जैसे रोटी और चपाती को भी टैक्स से मुक्त कर दिया गया है। शिक्षा से जुड़ी सामग्रियों और स्वास्थ्य बीमा जैसी सेवाओं पर भी जीरो टैक्स का फैसला लिया गया है, अब जो वस्तुएं और सेवाएं 0 प्रतिशत टैक्स के दायरे में हैं, उनमें ये प्रमुख रूप से शामिल हैं।

  • दूध (अल्ट्रा-हाई टेम्परेचर मिल्क)
  • छेना और पनीर
  • रोटी और चपाती जैसी भारतीय रोटियां
  • इंडिविजुअल हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसियां
  • नक्शे, चाट्र्स और ग्लोब
  • जीवन रक्षक दवाएं
  • स्टेशनरी आइटम्स: एक्सरसाइज़ बुक, नोटबुक, पेंसिल, शार्पनर और इरेजऱ

जीएसटी बदलावों को लेकर विश्लेषकों का मानना है, लंबे समय से तय दायरे में कारोबार कर रहा बाजार अभी से दिवाली तक तेजी में रह सकता है। जो तेजी अक्टूबर में आनी थी, वह अब सितंबर से शुरू हो सकती है। घरेलू शेयर बाजारों ने इस साल निवेशकों को निराश किया है, अभी तक सिर्फ दो फीसदी का फायदा दिया है।

18 से शून्य फीसदी पर लाए उत्पाद

  1. तकनीकी दस्तावेज
  2. प्राकृतिक कटे और पॉलिश किए गए हीरे (25 सेंट तक)
  3. कलाकृतियां और प्राचीन वस्तुएं
  4. उड़ान गति अनुकरण यंत्र
  5. लक्ष्य गति अनुकरण यंत्र
  6. उच्च ऊंचाई युद्धक मुक्त-पतन प्रणाली के पुर्जे
  7. मध्यम दूरी सतह से वायु रक्षा प्रणाली के उपकरण
  8. एकीकृत वायु रक्षा हथियार प्रणाली के उपकरण
  9. सैन्य परिवहन विमान (सी-130ए सी-295)
  10. गहरे समुद्र में बचाव पोत
  11. मानवरहित जल-नीचे वाहन/प्लेटफॉर्म
  12. लड़ाकू विमानों की इजेक्शन सीटें
  13. मानवरहित यंत्रों और विशेष उपकरणों हेतु बैटरियां
  14. संचार उपकरण
  15. हवा में गोताखोरी व डाइविंग उपकरण
  16. नौसैनिक हवाई बेड़े के लिए सोनाबॉय
  17. जहाज से छोड़े जाने वाले प्रक्षेपास्त्र
  18. 100 मि0मी0 से अधिक व्यास वाले रॉकेट
  19. सैन्य उपयोग हेतु दूर से नियंत्रित विमान
  20. तोपखानाए राइफलए विमान आदि के पुर्जे और उपकरण

क्या होंगे सस्ते

  • सीमेंट पर जीएसटी 28% से घटाकर 18% किया गया है।
  • नमकीन, भुजिया, सॉस, पास्ता, इंस्टेंट नूडल्स, चॉकलेट, कॉफी, संरक्षित मांस, कॉर्नफ्लेक्स, मक्खन, घी, ये सभी 5%  के दायरे में हैं।
  • 350 सीसी या उससे कम क्षमता वाली छोटी कारों और मोटरसाइकिलों पर जीएसटी 28% से घटाकर 18% कर दिया गया है।
  • बसों, ट्रकों और एम्बुलेंस पर जीएसटी 28% से घटाकर 18% कर दिया गया है।
  • सभी ऑटो पाट्र्स पर 18% की एक समान दर लागू की गई है। तिपहिया वाहनों पर 28% से घटाकर 18% कर दिया गया है।
  • सूखे मेवे और मेव: बादाम, काजू, पिस्ता, हेज़लनट्स और खजूर पर कर छूट 12% से घटकर 5% रह गई है।
  • जूते और कपड़े पर 12% जीएसटी को घटाकर 5% किया गया।
  • खेल के सामान, खिलौने, चमड़ा, लकड़ी और हस्तशिल्प पर 5% जीएसटी लागू की गई है।

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