सिंधु जल संधि अब भी निलंबित, मानवीय आधार पर पाकिस्तान को दी बाढ़ संबंधी जानकारी

समृद्धि न्यूज। भारत ने शुक्रवार को कहा कि वह मानवीय आधार पर राजनयिक माध्यमों से पाकिस्तान के साथ बाढ़ से संबंधित आंकड़े साझा कर रहा है, जबकि सिंधु जल संधि निलंबित है। पाकिस्तान पर आरोप है कि पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकवादी हमले में उसका हाथ है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत, इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग के माध्यम से पाकिस्तान को बाढ़ संबंधी आंकड़े उपलब्ध करा रहा है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस समय भारत और आसपास के क्षेत्र में भारी बारिश हो रही है, जिससे नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। ऐसी स्थिति में समय पर जानकारी साझा करना बेहद जरूरी है, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में जनहानि को कम किया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कदम केवल मानवीय कारणों से उठाया गया है और इसका सिंधु जल संधि से कोई सीधा संबंध नहीं है। दूसरी ओर, पाकिस्तान ने शुक्रवार को कहा कि भारत ने हाल में आई बाढ़ के बारे में राजनयिक माध्यम से जानकारी साझा की है। साथ ही शिकायत की कि पूर्ववर्ती घटनाओं की तरह जानकारी उतनी विस्तृत नहीं थी। पाकिस्तानी विदेश कार्यालय के प्रवक्ता शफकत अली खान ने भारत से सिंधु जल संधि (आईडब्ल्यूटी) का पूरी तरह से पालन करने का भी आह्वान किया। भारत ने 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के एक दिन बाद पाकिस्तान के खिलाफ कई दंडात्मक कदम उठाए, जिनमें 1960 की सिंधु जल संधि को स्थगित करना भी शामिल था। खान ने कहा कि भारतीय पक्ष ने राजनयिक माध्यमों से विभिन्न नदियों में आई बाढ़ के बारे में कुछ जानकारी जरूर साझा की है। हालांकि, यह पहले जितनी विस्तृत नहीं है।

प्रवक्ता ने कहा कि सिंधु जल आयुक्त के स्थापित माध्यम का उपयोग जानकारी साझा करने के लिए नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में, हम दोहराते हैं कि भारत को सिंधु जल संधि के सभी प्रावधानों का पूरी तरह पालन करना चाहिए। आमतौर पर, ऐसी जानकारी सिंधु जल आयुक्त के माध्यम से साझा की जाती थी। प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान ब्रिक्स समूह में शामिल होने के प्रति गंभीर है और दावा किया कि रूस इसका समर्थन कर रहा है।

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