समृद्धि न्यूज। भारतीय सेना ने पाकिस्तान सीमा से करीब 100 किलोमीटर दूर राजस्थान के थार मरुस्थल स्थित महाजन फील्ड फायरिंग रेंज (एफएफएफआर) में इंटीग्रेटेड फायर पावर एक्सरसाइज अमोघ फ्यूरी का सफल आयोजन किया। इस बड़े अभ्यास में सेना ने टैंकए इन्फैंट्री कॉम्बैट वाहन, अटैक हेलीकॉप्टर, लंबी दूरी की आर्टिलरी, ड्रोन्स और आधुनिक हथियार का इस्तेमाल कर अपनी युद्ध क्षमता का प्रदर्शन किया। अभ्यास के दौरान मल्टी-डोमेन ऑपरेशनल वातावरण में आक्रामक जमीनी कार्रवाइयों और संयुक्त युद्धक अभियानों का प्रदर्शन किया गया। इसके अलावा सभी रैंकों के सैनिकों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देने के लिए अभ्यास में आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया, जिनमें नेटवर्क-केंद्रित संचार, कमांड एवं कंट्रोल आर्किटेक्चर और रीयल टाइम निगरानी प्रणालियां शामिल थीं। हालांकि, अभ्यास कब किया गया, सेना ने इसकी जानकारी नहीं दी। कर्नल निखिल धवन ने बताया कि अमोघ फ्यूरी में भारतीय सेना के युद्धक टैंक, इन्फैंट्री कॉम्बैट वाहन, आक्रमणकारी हेलीकॉप्टर, लंबी दूरी तक मार करने वाले आर्टिलरी सिस्टम, ड्रोन और अन्य अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों ने भाग लिया। इन हथियारों और प्लेटफॉर्मों के बीच बेहतरीन समन्वय और तालमेल ने आधुनिक युद्ध की जरूरतों के अनुरूप भारतीय सेना की ताकत को प्रदर्शित किया। अभ्यास के दौरान नेटवर्क आधारित संचार, कमान और नियंत्रण संरचना, साथ ही वास्तविक समय निगरानी और लक्ष्य साधन प्रणालियों का इस्तेमाल किया गया। इसके जरिये साझा परिचालन चित्रण (कॉमन ऑपरेटिंग पिक्चर) तैयार किया गया, जिसे सभी स्तरों पर सहजता से साझा किया गया। यह क्षमता आधुनिक युद्धक्षेत्र में उभरते खतरों का प्रभावी ढंग से सामना करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
यह एक ऐसा अभ्यास है जिसमें जल, थल, आसमान, साइबर, इलेक्ट्रॉनिक जैसे सभी क्षेत्रों से मिलने वाली चुनौतियां निर्मित कर उनसे निपटने का अभ्यास किया जाता है। ऐसा इसलिए किया जाता है, क्योंकि आधुनिक युद्धों में केवल जमीन, समुद्र या हवा से ही चुनौतियां नहीं मिलती, बल्कि इसमें अंतरिक्ष और साइबर स्पेस जैसे नए क्षेत्र भी शामिल हो गए हैं। इसलिए दुश्मन पर बढ़त हासिल करने के लिए सभी क्षेत्रों की क्षमताओं का एक साथ समन्वित परीक्षण किया जाता है।
भारतीय सेना ने पाकिस्तान को दिखाई ताकत, सीमा पर बड़ा युद्धाभ्यास
