गाजा में मानवीय मदद ले जा रहे जहाजों को इजरायल ने रोका

समृद्धि न्यूज। इजरायल की ओर से गाजा में हमले भी लगातार जारी हैं। इजराइली रक्षा मंत्री काट्ज ने बुधवार को फलस्तीनियों को गाजा शहर छोडऩे का आदेश देते हुए कहा कि यह उनके लिए अपने आप को बचाने का अंतिम अवसर है। गाजा में मानवता के लिए निकली ग्लोबल सुमुद फ्लोटिला को इजराइली नौसेना ने बुधवार को घेर लिया। 50 जहाजों और 500 कार्यकर्ताओं वाला यह बेड़ा भोजन व दवाइयां लेकर गाज़ा जा रहा है। ग्रेटा थनबर्ग और मंडला मंडेला जैसे हस्तियों की मौजूदगी के बावजूद इजराइल ने संचार जाम करने की धमकी से डराने की कोशिश की।
गाजा में मानवीय सहायता ले जा रहे बेड़े के जहाजों को इजराइली बलों ने रोक दिया है। इजरायली विदेश मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि बेड़े को रोककर उनके यात्रियों को एक बंदरगाह पर रखा गया है। अकालग्रस्त गाजा में मानवीय सहायता ले जा रहे इस बेड़े में स्वीडिश जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग, नेल्सन मंडेला के पोते मंडला मंडेला, बार्सिलोना की पूर्व मेयर अदा कोलाऊ और कई यूरोपीय सांसद शामिल हैं। इन लोगों ने कहा है कि वह इजराइली नाकाबंदी तोडऩे और फिलिस्तीनियों तक मदद पहुंचाने के अपने मिशन पर अडिग है। बता दें कि यह दल गाजा पर लगे इजराइली नाकेबंदी को तोडऩे और फलस्तीनियों तक मानवीय मदद पहुंचाने की कोशिश कर रहा है। अमेरिकी पूर्व सैनिक ग्रेग स्टोकर ने बताया कि करीब 12 इजराइली नौसेना के जहाज, जिनके ट्रांसपोंडर बंद थे, उनके पास आए और कहा कि इंजन बंद कर दें, अन्यथा नाव जब्त कर ली जाएगी और उन्हें परिणाम भुगतने होंगे। इजराइली विदेश मंत्रालय ने कहा कि नौसेना ने दल को रास्ता बदलने को कहा और चेतावनी दी कि वे एक सक्रिय युद्ध क्षेत्र के करीब हैं।

उन्होंने मदद को अन्य सुरक्षित रास्तों से गाजा पहुंचाने की पेशकश भी दोहराई। इससे पहले रात के समय दो युद्धपोतों ने दो जहाजों को घेर लिया और उनके संचार उपकरणों (कैमरा, रेडियो आदि) को जाम करने की कोशिश की। एक कार्यकर्ता लिसी प्रोएंसा ने बताया ये सब डराने की रणनीति थी। वो हमें दिखाना चाहते थे कि वो हमें देख रहे हैं। बताया गया कि गाजा की ओर जा रहे राहत सहायता काफिले में शामिल एक कार्यकर्ता ने बुधवार को सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि इजराइली नौसेना के पोत उनके काफिले के पास आए और उन्हें जहाजों के इंजन बंद करने का आदेश दिया। द ग्लोबल सुमुद फ्लोटिला नाम के इस काफिले में 50 छोटे जहाज शामिल हैं, जिन पर करीब 500 लोग सवार हैं। यह काफिला गाजा में फंसे लोगों के लिए खासतौर से खाद्य सामग्री और दवाइयां ले जा रहा है। गौरतलब है कि ग्लोबल सुमुद फ्लोटिला गु्रप की मदद से गज़ा में नरसंहार को रोकने और वहां मानवीय सहायता को पहुंचाने के लिए 45 देशों से लगभग 500 लोग रवाना हुए थे, इस काफिले में अंतरराष्ट्रीय जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग भी शामिल है,् इन नावों पर गज़ा के भूखे बच्चों और लोगों के लिए खाने की राशन और पीने के लिए साफ पानी और दवाइयां है।

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