फर्रुखाबाद, समृद्धि न्यूज। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय ओम निवास जटवारा जदीद अंगूरीबाग में चैतन्य नौ देवियों की झांकी सजाई गई और दशहरा पर्व को बड़े धूमधाम से मनाया गया। नेकी और बदी नृत्य नाटिका के माध्य्म से रावण उनके साथ काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार, भूतों को मारकर आध्यात्मिक रूप में दशहरा पर्व को दर्शाते हुए मनाया गया। शोभा बहन ने कहा सभ्यता और संस्कृति हमारे भारत के सभी त्योहारों में झलकती है। नवरात्रि के दिनों में कलश पूजन, कन्या पूजन का विशेष महत्व होता है। आध्यात्मिक रूप से कलश का मतलब जब परमात्मा इस संगम के समय में आकर ज्ञान का कलश रख अज्ञान, अंधकार दूरकर ज्ञानघृत रूपी अखंड दीप जगाकर व्रत नियम के साथ अपनी कोई ना कोई एक बुराई को खत्म करने का व्रत करें।
ज्योति बहन ने कहा कि कन्या जब जन्म लेती है तो उसका देवी रूप होता है, हम भू्रण हत्या ना कर इन कन्याओं का इन देवियों का सम्मान करें। कहते हैं जहां नारी का सम्मान है, वहां देवता या भगवान वास करते हैं। संजय गर्ग ने कहा कि कन्या देव समान है, इसलिए उनके प्रति हमारा दृष्टिकोण पवित्र हो, अगर किसी ने भी गंदी दृष्टि डालने का प्रयास किया तो मां दुर्गा के साथ काली रूप भी है जो आसुरी प्रवृत्तियों का संघार कर देती है। इस मौके पर चित्रा अग्निहोत्री, कन्हैया लाल जैन, देवेंद्र नारायण श्रीवास्तव, रोमी श्रीवास्तव, अनिल सक्सेना, ममता सक्सेना ने नौ देवियों को नारियल चुन्नी उड़ाकर आरती पूजन कर भोग स्वीकार कराकर सम्मान किया। संचालन सुवालाल मिश्रा ने किया।
ब्रह्मकुमारी केंद्र अंगूरी बाग में सजायी गई नौ देवियों की झांकी
