बरेली हिंसा: नफीस के बरातघर पर चला बुलडोजर

बरेली: बरेली हिंसा मामले में जखीरा स्थित डॉ0 नफीस के बरातघर रज़ा पैलेस पर शनिवार को बुलडोजर से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। वहीं फाइक एन्कलेव में फरहत के घर को सील कर दिया गया है। सैलानी में नगर निगम की टीम ने अतिक्रमण पर बुलडोजर चलाया है। शहर के जखीरा मोहल्ले में स्थित रजा पैलेस डॉ0 नफीस का है। नफीस को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। आरोप है कि यह मौलाना का सबसे करीबी है और हिंसा का मुख्य आरोपी यही है। इसी ने लोगों को भड़ाकाया था, जिसके बाद काफी संख्या में लोग जमा हो गए थे, जब पुलिस आई लव मोहम्मद के पोस्टर हटाने गई थी, तब नफीस ने एक इंस्पेक्टर से कहा था कि पुलिस के हाथ काट लूंगा। पोस्टर को हाथ भी मत लगाना, नफीस के साथ-साथ पुलिस ने उसके बेटे को भी जेल भेजा है। टीम ने तीन बुलडोजरों से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। सबसे पहले बुलडोजर से बरातघर का गेट तोड़ा गया। इसके बाद अन्य हिस्से पर कार्रवाई की गई। बाद में एक और बुलडोजर बुलाया गया। चार बुलडोजरों से पूरे बरातघर को जमींदोज कर दिया गया। इस कार्रवाई से खलबली मची रही। बरेली के फाइक एन्कलेव में बीडीए की टीम ने शनिवार को आरोपी फरहत का तीन मंजिला मकान सील कर दिया। इसी मकान में 26 सितंबर को मौलाना तौकीर रजा ने पनाह ली थी। बवाल के बाद उन्हें यहीं से गिरफ्तार किया गया था। घर में शरण देने पर फंसा फरहत और फरहान जेल में है। बीडीए के सक्षम अधिकारी ने एक अक्टूबर को नोटिस तामील कराते हुए तीन अक्तूबर से पहले फरहत का घर खानी कराने की अपेक्षा बारादरी पुलिस से की थी। एक्शन को लेकर बरेली की डिप्टी एसपी सोनाली मिश्रा ने बताया कि यह अभियान बरेली जिला प्रशासन द्वारा चलाया जा रहा है और हम सुरक्षा प्रदान करने के लिए यहां मौजूद हैं। पर्याप्त पुलिस बल को तैनात किया गया है। अभी तक पुलिस हिंसा में 83 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, मौलाना तौकीर रजा फतेहगढ़ सेंट्रल जेल में बंद है। एसएसपी अनुराग आर्य ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया था कि हिंसा वाले दिन मस्जिदों में नमाज का वक्त जानबूझकर बदला गया था, आमतौर पर शुक्रवार की नमाज शहर की अलग-अलग मस्जिदों में दोपहर 12:30 से 3:30 बजे तक होती है, लेकिन उस दिन योजनाबद्ध तरीके से एक बजे नमाज अदा करवाई गई। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग नौमहला मस्जिद से निकलकर इस्लामिया ग्राउंड की ओर बढऩे लगे, यही भीड़ आगे चलकर उपद्रव और हिंसा में शामिल हुई।

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